अब 25 अप्रैल को दूसरे गवाह के बयान दर्ज करेगा कोर्ट
मूसाझाग थाने में किशोरी से गैंगरेप का चर्चित मामला
मूसाझाग थाने में किशोरी से गैंगरेप मामले में नया मोड़ आ गया है। इस चर्चित मामले का एक गवाह बयान से मुकर गया है। उसने बुधवार को कोर्ट में घटना को देखने से साफ इंकार कर दिया। उसका कहना है कि उसके सामने घटना नहीं हुई थी। सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र पांडेय ने अगली तारीख 25 अप्रैल मुकर्रर की है। इस दिन दूसरे गवाह के बयान दर्ज किए जाएंगे।
मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने 31 दिसंबर 2014 की रात थाना क्षेत्र के एक गांव से किशोरी का अपहरण किया था। इसके बाद दोनों सिपाहियों ने थाने में ही किशोरी से गैंगरेप किया था। दोनों सिपाहियों को जेल भेजने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। मामले में सुनवाई स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र पांडेय कर रहे हैं। कोर्ट पीड़िता, उसकी मां और चाचा के बयान दर्ज कर चुका है। मामले में कन्हई, सुबोध पाठक और रामविलास गवाह हैं। गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता कौशल यादव ने बताया कि बुधवार को कोर्ट में गवाह कन्हई के बयान दर्ज हुए। कन्हई बयान से मुकर गया है। उसने घटना देखने से इंकार कर दिया है। एक अन्य गवाह सुबोध पाठक की गवाही कराने से अभियोजन पक्ष ने इंकार कर दिया है। तीसरे गवाह रामविलास के बयान बुधवार को दर्ज नहीं हो सके। इसके लिए कोर्ट ने अब 25 अप्रैल तय की है।