कस्बे के अलावा हतरा गांव में भी अवैध स्लाटर हाउस हैं। इनमें प्रतिबंधित पशुओं को भी काटा जा रहा है। क्षेत्र में इन स्लाटर हाउस की प्रशासन से कोई अनुमति नहीं है। हालात यह हैं कि कुछ लोग घरों में भी पशुओं को काट रहे हैं। चोरी छिपे स्लाटर हाउस चलाने वाले पशुओं को काटने से पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं करवा रहे हैं। इन स्लाटर हाउसों से बगरैन, उदयपुर, सिसईया, कतगांव, शेरन्दाजपुर, अंगथरा, सैडोली, उरैना, दूगों, निजामपुर आदि गंांवों को दिन में दो तीन बार पहुंचाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं प्रशासन की आंख में धूल झोंकने के लिए वीआई बैगों का भी मांस सप्लाई में प्रयोग हो रहा है। पुलिस से भी इन अवैध कारोबारियों की सैटिंग रहती है। बड़े नेटवर्क के चलते यहां यह धंधा खूब फल फूल रहा है। पशु चिकित्सक, वजीरगंज डॉ. संजीव शुक्ला का कहना है कि पूरे ब्लाक क्षेत्र में लंबे समय से किसी पशु का स्वास्थ्य परीक्षण उनके द्वारा नहीं हो रहा है। पशु काटने के लिए उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना अनिवार्य होता है।