12 गोलियां मारी गईं थी
शहर के मोहल्ला चौधरी सराय के हाशिम को 32 बोर की 12 गोलियां मारी गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की फर्द पर गौर करें तो योजनाबद्ध ढंग से हत्या की गई। हमलावरों का मकसद उसे किसी भी हालत में जिंदा न छोड़ने का था। वजह तो साफ न हो सकी, लेकिन आशंका है गहरी रजिंश के चलते हत्या हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो हाशिम के सिर में सात गोलियां मारी गईं। चार गोलियां सीने पर और एक जांघ पर मारी गई। जांघ की एक और सीने की एक गोली शरीर के पार हो गई। सात गोलियां सिर में और तीन सीने में फंसी रह गईं। पोस्टमार्टम के दौरान इन गोलियों को डॉक्टर ने रिकवर किया है। हाशिम की हत्या के मामले में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ कुररुगांव के चौकीदार की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस को पिता मुन्ने ने जो जानकारी दी, उसके मुताबिक, सोमवार शाम एक फोन आने के बाद हाशिम घर से निकला था। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस तरह से हत्या करने से गहरी रंजिश मालूम होती है। मंगलवार को हाशिम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
रिक्शा चलाकर पिता करते हैं परिवार का गुजारा
बदायूं (ब्यूरो)। हाशिम चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। वह दर्जी का काम करता था। उसका पिता मुन्ने रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करता है। हाशिम के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। उसकी हत्या के बाद परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अभी तहरीर भी नहीं दी है।
घंटों बाद शिनाख्त, नाम पर उलझी रही पुलिस
शव बरामद होने के चार घंटे के बाद जब शिनाख्त हुई तो पुलिस भी पशोपेश में पड़ गई। दरअसल, हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ राजा के भाई फहीम तुर्क की हत्या के मामले के नामजदों में एक आरोपी हाशिम नाम का था। मंगलवार को पूरी तरह से तस्वीर साफ हो गई कि मृतक हाशिम, निवासी चौधरी सराय, हिस्ट्रीशीटर फहीम राजा की हत्या में आरोपी नहीं था। पुलिस ने यह भी पाया कि मृतक हाशिम का कोई कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में छोटी ज्यारत के पास कुरऊ के जंगल में सोमवार शाम को चौधरी सराय निवासी हाशिम पुत्र मुन्ने का शव मिला था। उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव की शिनाख्त की कोशिश की, लेकिन रात करीब चार घंटे के बाद मृतक हाशिम के रूप में पहचाना गया। चूंकि मृतक के शरीर में कई गोलियां पाई गईं, ऐसी परिस्थितियों में पुलिस ने ऐसा मान लिया था कि यह वही हाशिम है, जिसकी पांच जुलाई 2016 को मोहल्ला खंडसारी के हिस्ट्रीशीटर नईम राजा के भाई फहीम तुर्क की हत्या के मामले में नामजदगी थी लेकिन सोमवार देर रात जब मृतक हाशिम के परिजन शव बरामदगी की पुलिस की सूचना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे तो स्थिति साफ हुई। इसके बाद पुलिस को सही बात पता लगी कि यह मृतक हाशिम का हिस्ट्रीशीटर फहीम राजा की हत्या से कोई वास्ता नहीं था और न ही वह इस मामले में आरोपी था। उसके खिलाफ तो कोई मुकदमा भी नहीं पाया गया।
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शव अज्ञात बरामद हुआ था। शिनाख्त के बाद जब मृतक का नाम पता लगा तो परिवार वालों को खबर दी गई। हाशिम नाम का एक आरोपी हत्याकांड में नामजद है। प्रारंभिक पड़ताल में शक हुआ था कि मृतक वही हाशिम है। बाद में पता लगा कि इस हाशिम का हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है। मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
-जमीरुल हसन, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस