एसीजेएम (द्वितीय) के कोर्ट में पेश दोनों छात्राओं ने पूरे घटनाक्रम से जुड़ी हकीकत बयां कर दी। उन्होंने वह सब कुछ बता दिया जो उनके साथ हुआ। बयानों के बारे में कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि छात्राओं ने कोर्ट में आरोपों को दोहराया है। छात्राओं ने नामजदगी वाले दिन भी पुलिस के समझ 161 के बयान में भी छात्र समेत तीनों आरोपियों पर धमकाने, अश्लील फोटो खींचने और ब्लैकमेल करने के लिए सेलफोन पर कॉल करने की शिकायत की थी। पुलिस पीड़ित छात्राओं की उम्र का पता लगाने के लिए गत दिवस एक्स-रे भी करा चुकी है।
दोनों छात्राओं के बयान के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिए गए आरोपी छात्र समेत उसके दोस्त का बुधवार को चालान हो सकता है। पुलिस ने एसओजी की मदद से छात्र समेत उसके दोस्त को तीन दिन पहले ही दबोच लिया था। उनसे भी पूछताछ हो चुकी है। बता दें कि 10-12 दिन पुराने मामले में एक छात्रा के पिता की ओर से पुलिस ने स्वास्थ्य कर्मी के बेटे, उसके दोस्त समेत परिचित के खिलाफ छेड़छाड़, अश्लील फोटो खींचने समेत धमकाने का मामला दर्ज किया था। नामजदों पर पाक्सो के तहत भी कार्रवाई की गई है।
विवेचक पर भेदभाव का आरोप
उझानी। पीड़ित छात्राओं में से एक के परिजन ने बुधवार को यह कहकर विवचेक की भूमिका पर सवाल उठा दिया कि पाक्सो एक्ट के तहत गोपनीयता को भंग करने का प्रयास किया गया। मुख्य आरोपी छात्र को पुलिस ने उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नाबालिग कहना शुरू कर दिया, तो फिर उम्र को लेकर छात्राओं के साथ दूसरा रवैया क्यों अपनाया गया। पीड़ित छात्राओं का एक्स-रे कराने की बजाय उनकी उम्र का पता शैक्षिक प्रमाण पत्र से भी लग सकता था। ऐसा सिर्फ छात्राओं को हतोत्साहित करने की नीयत से किया गया। कोतवाल देवराज राठी के मुतािबक, इस पूरे मामले में पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की है। दोनों सेलफोन का परीक्षण भी कराया जा रहा है। आरोपियों का महज इसलिए चालान नहीं किया गया कि छात्राओं के बयान कोर्ट में दर्ज नहीं हो पाए थे। अब, चालान कर आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।