-जनधन योजना के तहत जनसेवा केंद्र पर खुलवाए गए थे खाते
-खुलासा होने के बाद दी गई तहरीर, इंस्पेक्टर बोले-जांच हो रही
पंजाब नेशनल बैंक में फर्जीवाड़ा करके चार महिलाओं के बैंक खातों से 40 हजार रुपये साफ कर दिए। खाता धारकों को जब इस बारे में पता लगा तो वे दंग रह गए। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर हजरतपुर आरके वर्मा का कहना है कि वह मामले में जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हजरतपुर थाने के गांव उलहैता नगला निवासी धनदेवी पत्नी रामबाबू, ऊषा पत्नी रामऔतार, शानूलता पत्नी राजीव और रेशमा पत्नी संजीव ने जमालपुर स्थित पीएनबी के बिजनेस सेंटर पर प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक खाते खुलवाए थे। ये खाते पंजाब नेशनल बैंक की शाखा डहरपुर कलां में खोले गए थे। चारों महिलाओं ने 31 जनवरी 17 को अपने खातों में 10-10 हजार रुपये जमा किए। आरोप है कि बिजनेस सेंटर संचालक ने महिलाओं को खातों के एटीएम कार्ड दिए ही नहीं। नियमानुसार जनधन खाते का एटीएम साथ में ही जारी किया जाता है। आरोप है कि एटीएम के जरिए चारों महिलाओं के खातों से 40 हजार रुपये साफ कर दिए गए। यह रुपये पीएनबी दातागंज के एटीएम से निकाले गए। खातों से रकम साफ होने की बात जब महिलाओं को पता लगी तो वह दंग रह गई। इस बारे में घर के पुरुषों को बताया। इसके बाद परिवार के जन्डैल सिंह तहरीर लेकर थाने पहुंचा। इस दौरान मामले के निपटारे को पूर्व प्रधान ग्वाला कश्यप के घर पर बैठक भी हुई। प्रधान का कहना है कि बिजनेस सेंटर संचालक रुपये वापस करने की बात कह रहा है। इधर, जालसाजी का शिकार हुईं महिलाएं मामले में कार्रवाई चाहती हैं। महिलाओं का कहना है कि उनको एटीएम कार्ड दिए ही नहीं गए। यह भी नहीं बताया गया कि एटीएम कार्ड उनके खाते पर जारी हैं।
ये बोले शाखा प्रबंधक
पंजाब नेशनल बैंक की डहरपुर कलां शाखा प्रबंधक सत्य प्रकाश का कहना है कि जनधन योजना के सभी खातों में एटीएम कार्ड जारी किए जाते हैं। जो खाते बिजनेस सेंटर पर खुलवाए जाते हैं उनके एटीएम कार्ड बिजनेस सेंटर संचालक को दे दिए जाते हैं ताकि वह इनको ग्राहकों को पहुंचा दे। महिलाओं का कहना है कि उनको एटीएम नहीं मिले। ऐसे में प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़ा किए जाने की बात लग रही है।
मामले में तहरीर मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ के लिए बिजनेस सेंटर के संचालक को भी बुलाया गया है।
-आरके वर्मा, इंस्पेक्टर हजरतपुर