अपहरण कर फिरौती वसूलने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अपहृत को मुक्त करने के बदले उसके परिवार वालों से एटा में पांच लाख रुपये फिरौती वसूली गई थी। फिरौती के दो लाख रुपये एटा जेल में लिए गए थे।
कादरचौक थाने के गांव बरचऊ के रामनिवास परिवार के साथ शहर के नेकपुर इलाके में रहते हैं। 23 अप्रैल को वह टेंपो से अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में उपरौला के पास सोत नदी पर उनका अपहरण हो गया था। रामनिवास को छोडने के बदले पांच लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। फिरौती की रकम एटा जेल में पहुंचाने को कहा गया। 18 मई को महेंद्र ने एटा जेल में बॉबी नाम के बंदी से मुलाकात कर उसको दो लाख रुपये दिए। 19 मई को बॉबी पेशी पर कोर्ट आया। उसके कहने पर तीन लाख रुपये एक व्यक्ति को दे दिए गए। 21 मई को बदमाशों ने रामनिवास को छोड़ दिया था। महेंद्र की ओर से अपहरण कर फिरौती के मामले में सहसवान के गांव कुकरइया निवासी अवधेश, बरचऊ निवासी नेत्रपाल और संजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फिरौती की रकम वसूलने के मामले में एटा जेल के बंदी बॉबी का भी जिक्र किया गया है। एसओ रुकुमपाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पहले हत्या की, बाद में मांगी फिरौती
मुजरिया। पीतम के भाई श्रीपाल और राजवीर की मानें तो सात जून को अनजान नंबर से उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि अगर पीतम चाहिए तो आठ लाख रुपये का इंतजाम करो। इन लोगों ने उसी दिन इस बारे में पुलिस को बता दिया। वह नंबर भी दे दिया जिससे कॉल आई थी। जबकि पीतम की हत्या चार जून को ही कर दी गई थी।
पुलिस ने इस नंबर को सर्विलांस पर लगाया और कॉल डिटेल खंगाली। बिना आईडी से यह सिम खरीदा गया था। कॉल डिटेल में पता लगा कि इस नंबर से कई बार शिवकरन से भी बात हुई है। यहां से पुलिस पड़ताल को दिशा मिल गई। सोमवार को शिवकरन के लिए हिरासत में ले लिया गया। उससे पूछताछ हुई तो वह टूट गया। पूरी घटना के बारे में उसने पुलिस को बता दिया। अब पुलिस को हजारों एकड़ में फैली गंगा की बीहड़ कटरी में छह दिन पुराना शव खोजना था। उसहैत और मुजरिया पुलिस ने सीओ सहसवान उमेश यादव के नेतृत्व में सर्च अभियान शुरू किया। 20 घंटे के अभियान के बाद पीतम की सड़ी-गली लाश मिल गई। पीतम के दो और चार साल के दो बच्चे हैं। उसकी पत्नी राजो का बुरा हाल है। हालांकि पीतम की आर्थिक स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है। उसकी हत्या भी चार जून को रात में कर दी गई थी। परिवार वाले फिरौती मांगे जाने की बात कर रहे हैं, लेकिन अफसर इस बात को नकार रहे हैं।