थाना क्षेत्र के गांव चिचैटा में 14 साल की दलित किशोरी का शव बबूल के पेड़ पर लटका मिला। इसको लेकर चर्चाएं तमाम हैं, लेकिन किशोरी के पिता ने लिखकर दिया है कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। हालांकि एसओ सत्यदेव यादव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
थाना क्षेत्र के गांव चिचैटा निवासी रामऔतार की 14 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी गुरुवार अपरान्ह तीन बजे घर से खेत पर चारा लेने गई थी। लक्ष्मी के साथ गए गांव के बाकी बच्चे वापस आ गए लेकिन वह नहीं लौटी। शाम को परिवार वालों ने उसकी तलाश की। गांव वालों के साथ पिता जंगल की ओर पहुंचा तो वहां लक्ष्मी की लाश बबूल के पेड़ पर साड़ी के सहारे लटकी मिली। ये साड़ी नील गायों से फसल को बचाने के लिए खेतों के चारों ओर बांधी गई थी। लक्ष्मी आठ भाई-बहन में चौथे नंबर की थी। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव उतार लिया। बाद में खबर मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
एसओ सत्यदेव यादव का कहना है कि किशोरी के पिता ने किसी से रंजिश होने से इंकार किया है। उसने यह भी लिखकर दिया है कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहता। फिर भी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। जबकि गांव में कई तरह कि चर्चाएं हो रही हैं।