केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ग्रामीणों को ठगने पहुंचे तीन ठगों में एक को गांव के लोगों ने दबोच लिया। खबर देने के बावजूद दातागंज पुलिस रात में गांव नहीं पहुंची। सीओ के निर्देश पर पुलिस मौके पर गई तो ठग के साथ एक ग्रामीण को भी पकड़कर थाने ले गई। आरोप है कि थाने में पुलिस ने जबरन समझौता कराने के बाद ठग को छोड़ दिया।
कटरी इलाके में बसा दातागंज का गांव चंगासी काफी पिछड़ा हुआ है। शनिवार को गांव में तीन युवक पहुंचे। सूट-बूट पहने तीनों अधिकारियों जैसे बात कर रहे थे। इनके पास कई गांवों के बीपीएल परिवारों की सूची भी थी। इन लोगों ने ग्रामीणों को बताया कि वे एक केंद्रीय योजना के सिलसिले में यहां आए हैं। योजना के तहत गांवों में गरीबों से फार्म भरवाए जा रहे हैं। इससे गांवों के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को कई तरह के लाभ मिलेंगे। केंद्रीय योजना के तहत फार्म भरवाए जाने की चर्चा फैली तो लोगों की भीड़ जमा हो गई।
युवक फार्म भरने के बदले 100 रुपये वसूल रहे थे। करीब 80 परिवारों का फार्म भरा जा चुका था। तीन युवकों में एक दातागंज क्षेत्र के गांव कोड़ा जयकरन का रहने वाला था। उसे गांव के कुछ लोगों ने पहचान लिया। योजना के बारे में पूछने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। तब ग्रामीणों को युवकों के ठग होने का शक हुआ। उधर, पोल खुलती जानकर तीनों ठग गांव से खिसकने लगे। ग्रामीणों को चकमा देकर दो ठग भाग निकले, जबकि एक ठग गांव के लोगों ने दबोच लिया। उसी समय दातागंज थाना पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीण रात भर ठग को गांव में बैठाए रहे। पुलिस के मौके पर न पहुंचने पर लोगों ने मामले की जानकारी सीओ श्योराज सिंह को दी। तब रविवार सुबह पुलिस चंगासी गांव पहुंची। पुलिस वाले ठग के साथ गांव के अशोक फौजी को भी थाने ले गए। आरोप है कि थाने में पुलिस से जबरन समझौता लिखित कराने के बाद ठग को छोड़ दिया।
उज्ज्वला व अंत्योदय के लाभ का दिया लालच
ठगों ने बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला और अंत्योदय जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच ग्रामीणों को दिया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए कई एक अन्य योजनाएं शुरू करने वाली है। इससे पहले सर्वे कराया जा रहा है। फार्म भरने वालों को ही योजनाओं का लाभ मिलेगा। गरीबों को मुफ्त आवास, फ्री इलाज के साथ रसोई गैस सिलेंडर और मुफ्त अनाज मिलेगा।
यह ठगी का मामला है मालूम दे रहा है। पूर्ति विभाग का कोई कर्मचारी नहीं है। मामले में पुलिस से जानकारी ली जाएगी। जो लोग गांव वालों से ठगी कर रहे थे उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जानी चाहिए। -रामेंद्र प्रताप सिंह, डीएसओ
इस मामले में इंस्पेक्टर दातागंज से बात की गई। फार्म भरने के नाम पर गांव वालों से लिए गए रुपये अशोक फौजी ने वापस करा दिए थे। उसने थाने में यह लिखकर दिया है। उसने यह भी लिख है कि गांव के लोग ठगी के मामले में कार्रवाई नहीं चाहते हैं। -श्योराज सिंह, सीओ दातागंज