कछला घाट पर मंगलवार सुबह नहाने के दौरान पांच युवक गंगा में डूब गए। इनमें तीन की मौत हो गई, जबकि दो को सुरक्षित बचा लिया गया। मरने वालों में दो राजस्थान के रहने वाले चचेरे-तहेरे भाई अनिल और सुमित थे, और तीसरा उनका फुफेरा भाई शैलेंद्र आगरा का रहने वाला था। पांचों युवक परिवार वालों के साथ अमावस्या पर गंगा नहाने आए थे। जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य तथा सीओ उझानी भूषण वर्मा ने मौका मुआयना किया।
यह हादसा मंगलवार सुबह करीब सात बजे हुआ। राजस्थान के भरतपुर जिले के चिकसान थाना क्षेत्र के गांव नगला सीकम निवासी एक परिवार और उनके कुछ रिश्तेदार निजी बस से यहां उझानी क्षेत्र के कछला घाट पर गंगा नहाने आए थे। कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर नहाते समय इस परिवार के दो युवक अमित और नंदू गहरे पानी में चले जाने से डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए किशन सिंह का 18 वर्षीय बेटा अनिल फौजदार, भतीजा 19 साल का सुमित और भांजा आगरा के मुड़ासिर गांव का निवासी 18 वर्षीय शैलेंद्र सिंह गंगा में कूद पड़े। कूदते ही तीनों तेज धार में बहने लगे। घरवालों ने अमित और नंदू को किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन अनिल, सुमित और शैलेंद्र गंगा में बह गए। उनके डूबने पर परिवार में कोहराम मच गया।
फौरन गोताखोरों को गंगा में उतारा गया। गोताखोरों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला। इस बीच सूचना मिलने पर एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, सीओ भूषण वर्मा और उझानी एसओ मौके पर जा पहुंचे। गंगा से निकाने के बाद शैलेंद्र और सुमित के शवों को कासगंज और अनिल के शव लेकर उझानी सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिए। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर रवाना हो गए। कछला घाट पर तीन दिन से लगातार हादसे हो रहे हैं। कासगंज और मुरैना के दो युवकों की मौत भी हो चुकी है।