पांच दिन पहले हजरतपुर क्षेत्र के गांव से लापता बालिका पड़ोस के गांव में मिल गई है। बालिका की हकलाहट परिजनों को तलाशने में परेशानी का सबब बनी।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव हर्रामपुर में बृहस्पतिवार की शाम प्राइमरी स्कूल के पास एक दस वर्षीय लड़की खड़ी रो रही थी। तभी गांव का मूलचंद वहां से गुजरा तो लड़की ने उससे रोटी मांगी। मूलचंद्र लड़की को पूर्व प्रधान जितेंद्र यादव के घर पर छोड़ आया। जितेंद्र के पूछने पर लड़की ने अपना गांव मजरी बताया और माता-पिता के न होने की बात कही। लड़की ने कहा कि कोई व्यक्ति उसकी आंखों में पट्टी बांधकर रामगंगा के पुल पर छोड़ गया, जहां से वह भटकती हुई हरार्मपुर आ गई।
जितेंद्र्र ने बताया कि आसपास मजरी नाम का कोई गांव ही नहीं है। रविवार को चितरी गांव के सुखवीर आए और उन्होंने लड़की को अपनी पुत्री काजल बताया। काजल पांच दिनों से लापता चल रही थी। मंदबुद्धि व हकलाने की वजह से सही पता ठिकाना नहीं बता पाई। जितेंद्र ने पुलिस को सूचना देकर लड़की को उसके पिता के हवाले कर दिया। बता दें लापता लड़की को लेकर चितरी गांव में तनाव बना हुआ था। लड़की के परिवार वाले गांव की ही एक महिला पर लड़की का अपहरण करने की आशंका जता रहे थे।