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कोई तो घोल रहा है फिजा में जहर!

Fri, 30 Jan 2015 07:30 PM IST
badaun
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कोई तो है जो फिजा में जहर घोलने की कोशिश कर रहा है लेकिन यह कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। पुलिस खुराफातियों की पहचान करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। दिसंबर और जनवरी में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को भी पुलिस नजर अंदाज करती नजर आ रही है। नौशेरा, खुनक, पुसगवां और अब्दुल्लागंज के बाद शहर में एक धर्मस्थल को निशाना बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।
30 दिसंबर से 30 जनवरी के बीच जिले में खुराफाती तत्वों ने छह बार सांप्रदायिक सौहार्द को पलीता लगाने की कोशिश की। एक भी मामले में पुलिस खुराफाती को तलाश नहीं कर सकी। तीस दिसंबर की रात खुराफातियों ने सिविल लाइंस थाने के गांव नौशेरा के एक धर्म स्थल में आगजनी कर दी। इससे यहां तनाव फैल गया। दो जनवरी को खुराफातियों ने बिनावर थाने के गांव खुनक में डेढ़ सौ साल पुराने धर्मस्थल के आधा दर्जन गुंबद गिरा दिए। अगला वाक्या चार जनवरी का है। वजीरगंज थाने के गांव पुसगवां में पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए धार्मिक जुलूस निकलवाया तो दो पक्षों के बीच फायरिंग और पथराव हुआ। माहौल बिगड़ता उससे पहले अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया। इस दौरान कादरचौक के ककोड़ा में भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई। खुराफाती एक महीने में कामयाब नहीं हुए तो 29 जनवरी की रात लालपुल स्थित एक धर्म स्थल में गंदगी फेंक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई। गौर करने वाली बात यह है कि एक महीने में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सिलसिलेवार छह घटनाएं हुईं लेकिन पुलिस एक भी मामले में खुराफातियों को ट्रेस नहीं कर सकी।
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सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों में गंभीरता के साथ जांच हो रही है। जो भी खुराफाती हैं उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोई निर्दोष परेशान न हो इस वजह से कुछ देरी हो रही है।  -अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन)
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