भरकुइया के सिद्ध बाबा मेला में चरख (झूला) से गिरकर मरे शिशुपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घरवाले शुक्रवार को एसपी सिटी से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि शिशुपाल को झूले से गिराकर मारा गया है। घरवालों ने स्थानीय पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। इधर, ठेकेदार का कहना है कि शिशुपाल खुद झूले से गिर गया था। घटना महज हादसा है। घर वाले गलत आरोप लगा रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर निवासी शिशुपाल (34) की सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव भरकुइया के सिद्ध बाबा मेला में बुधवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शिशुपाल के घरवालों ने गांव के ही एक व्यक्ति समेत दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की गुहार की थी। उनका आरोप था कि इन लोगों ने कहासुनी होने के बाद शिशुपाल को झूले से धक्का देकर गिरा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। सिविल लाइंस पुलिस ने बृहस्पतिवार को शिशुपाल के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत चोट लगने से होना बताई गई है।
मृतक के पिता प्रकाश और भाई वीरेंद्र का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को जो कुछ बताया है, वह गलत है। शिशुपाल को पहले पीटा गया फिर झूले से धकेला गया था। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए तो घटना की असलियत उजागर हो जाएगी। बता दें कि शिशुपाल की लाश उसके घरवालों को सौंपते वक्त दबोचे गए दोनों आरोपी अभी भी सिविल लाइंस पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।