गठौना गांव में बरेली और बदायूं की टीम का छापा
30 लीटर शराब बरामद कर भारी मात्रा में लहन बहाया
बरेली और बदायूं की आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को गठौना गांव में छापा मारकर देशी शराब बनाने के कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया। टीम को मौके पर शराब बनाने के उपकरण और पैकिंग का सामान भी मिला। पुलिस ने धंधेबाज को गिरफ्तार कर 50 लीटर शराब बरामद कर ली। एक हजार लीटर से अधिक लहन बहा दिया गया।
आबकारी निरीक्षक संजय पांडेय और अरविंद मिश्रा की अगुवाई में पुलिस ने एक घर में छापा मारा तो गृहस्वामी राजेंद्र देशी शराब बनाते मिला। हालांकि उसका साथी भाग गया लेकिन आबकारी पुलिस ने शराब बनाने के उपकरण और पैकिंग मशीन बरामद कर ली। मौके पर 50 लीटर शराब के साथ खाली पाउएऔर रैपर भी मिले। पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने आबकारी निरीक्षकों को अपने साथी का नाम भी बता दिया। वह उसकी मदद से करीब पांच साल से देशी शराब बनाकर बेचने का धंधा कर रहा था।
पकड़े गए राजेंद्र की निशानदेही पर आबकारी पुलिस ने जंगल में एक दिव्यांग ग्रामीण के ठिकाने पर भी दबिश दी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला। शराब बरामदगी के साथ मिले एक हजार लीटर लहन को बहा दिया गया। शराब बनाने की फैक्ट्री का सामान बरामद करने के बाद आबकारी पुलिस आरोपी राजेंद्र को अपने साथ ले गई। राजेंद्र को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराके पुलिस के हवाले कर दिया गया। बता दें कि गठौना में अवैध शराब बनाने के धंधे को लेकर एक बार माहौल भी खराब हो चुका है।
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सरौता के प्रधान को एटा जैसे हादसे की आशंका
उझानी। कोतवाली क्षेत्र के गांव सरौता के प्रधान देवेंद्र सिंह उर्फ पप्पू ने बताया कि सरौता समेत आसपास के चार-पांच गांवों में पिछले कई महीनों से अर्वध शराब बनाने का कारोबार चल रहा है। इलाका गंगा की कटरी से जुड़ी होने की वजह से पुलिस और आबकारी विभाग के अफसर कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। उन्होंने बताया कि अवैध शराब का कारोबार ऐसे ही चलता रहा तो एटा जैसा हादसा भी हो सकता है।