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विद्युत प्रवाहित तार टूटकर गिरने से बालक झुलसा

Thu, 28 Jul 2016 11:40 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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बालक झुलसा - फोटो : अमर उजाला
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उघैती कस्बे में आए दिन टूटकर गिरते हैं जर्जर लाइन के तार
 बिजली का तार टूटकर गिरने से अबोध बालक चपेट में आकर झुलस गया। उसे गंभीर हालत में निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया है।
गांव गंधरौली हादसे के बाद अब उघैती में गुरुवार को करीब 12 बजे बच्चों केे साथ खेल रहा राजेश का पांच साल का बेटा सनी बिजली के टूटकर गिरेे तार की चपेट आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। बता दें कि जर्जर बिजली के तार-तार टूटकर गिरने के कारण आए दिन हो रहे हादसे थमने का  नाम नहीं ले रहे हैं। चार दिन पहले गंधरौली गांव में हाईटेंशन लाइन का तार  टूटने के कारण करंट लगने से छत की सफाई कर रहे शिवलाल की मौत हो गई थी। इस पर गांववालों ने गुस्से में आकर खंभों को उखाड़कर ध्वस्त कर दिए। इसके बाद भी बिजली विभाग की निंद्रा नहीं टूटी है।  
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पूरे दिन गुल रही उघैती की बिजली
उघैती। बच्चे की तार की चपेट मे आने के बाद बिजलीघर पर मौजूूद लाइनमैनों ने उघैती की सप्लाई बंद कर दी। पूरे दिन कस्बे की बत्ती गुल रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। 
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तार टूटते ही बिजलीघर से गायब हुए कर्मचारी
उघैती। बिजली लाइन का तार टूटकर गिरने की खबर सुनते ही बिजलीघर पर मौजूूद कर्मचारी सप्लाई बंद करकेे भाग गए, उन्हें लगा कि आक्रोशित कर्मचारी यहां आकर उपद्रव कर सकते हैं। बताया जाता है कि जब कभी कहीं कोई हादसा हो जाता है, तो सबसे पहले कर्मचारी सप्लाई बंद करके बिजली घर से गायब हो जाते हैं। फिर कस्बे की सप्लाई लाइनमैनों के रहमोकरम पर होती है, जब उनका मन होता है, सप्लाई सुचारू करते हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार तार टूटना अब आम हो गया है, क्योंकि तार टूटने के बाद लाइनमैन अपनी मर्जी से ही तार जोड़ने जाते हैं। 
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अंधकार मे डूबे हैं दारानगर फीडर से जुड़े गांव
उघैती। चार दिन पहले थाना क्षेत्र के गांव गंधरौली में हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर शिवलाल की मौत होने के बाद गांव के गुस्साए लोगों ने बस्ती में गुजर रही हाईटेंशन लाइन को ही धवस्त कर दिया था। चार दिन से ही दारानगर फीडर से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन गांव अंधकार में डूबे हुए हैं। बताते हैं कि धवस्त लाइन को सही कराने के लिए बुधवार को जेई नेमकुमार गंधरौली गए, लेकिन गांव के लोगों ने ये लाइन बस्ती से बाहर ले जाने ेकी बात कही। इससे लाइन शुरू नहीं हो सकी। 
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