करीब एक सप्ताह बीत चुका है। जिले में महिलाओं की चोटियां कटने का सिलसिला अब भी जारी है। मंगलवार रात और बुधवार को जिले में अलग-अलग आठ स्थानों पर महिलाओं और लड़कियों की चोटियां कट गईं। चोटी कटने की घटनाओं से महिलाओं में खौफ है। हजरतपुर में अलग-अलग स्थानों पर चार चोटियां कटी हैं। क्षेत्र के गांव लभारी में अख्तर की 45 वर्षीय पत्नी हुस्नबानो की चोटी कट गई। इसी थाना क्षेत्र के गांव दियूनी में नंदूलाल की 36 वर्षीय पत्नी संतोष कुमारी दरवाजे पर खड़ी थी। अचानक उसकी चोटी कट गई। सिखौरा गांव में नबी अहमद की 22 वर्षीय पत्नी तबस्सुम की चोटी कट गई। तबस्सुम को बेहोशी की हालत में अस्पताल मबें भर्ती कराया गया है। पिपला गांव में रवेंद्र की 33 वर्षीय पत्नी सुनीता की भी चोटी कट गई। उघैती कस्बे में चंद्रपाल की 55 वर्षीय पत्नी रामकली की चोटी कट गई। रामकली घर में सो रही थी। अचानक उनके सिर में दर्द हुआ। देखा तो चोटी गायब थी। उसहैत के गांव मिर्जापुर अतिराज में रवेंद्र की 37 वर्षीय पत्नी अनीता की भी चोटी कट गई। अनीता बुधवार दोपहर के समय घर में झाड़ू लगा रही थी। अचानक देखा कि उसकी चोटी गायब थी। उझानी क्षेत्र के गांव बसोमा में नाजरा पत्नी मुख्त्यार की चोटी कट गई। नाजरा का कहना है कि वह बुधवार सुबह बकरी के बच्चे को दूध पिला रही थी। इसी दौरान किसी ने उसकी चोटी काट ली। बुटला दौलत गांव में आरती पुत्री नानकराम की भी चोटी कट गई। आरती मंगलवार रात घर में सो रही थी। अचानक यह घटना हो गई।