शहर में नशीली ड्रग्स के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। मैकूलाल चौराहे के पास एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं बिक रही थीं। सिविल लाइंस पुलिस ने छापेमारी कर सैकड़ों की तादाद में नशीले इंजेक्शन बरामद कर मेडिकल संचालक को गिरफ्तार किया है। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री बिना लाइसेंस हो रही थी। मामले में स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 के तहत कार्रवाई की गई है।
शहर के कई इलाकों में नशीली दवाओं का कारोबार चल रहा है। नशा करने वाले लोग होम्योपैथिक और एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं। ऐसी दवाओं की बिना डॉक्टर की सलाह के बिक्री पर पाबंदी है। शहर में मेडिकल स्टोर्स पर पाबंदी के बावजूद ऐसी दवाओं की बिक्री हो रही थी। पुलिस को आवास विकास रेलवे क्रासिंग के पास एक मेडिकल स्टोर पर अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री की खबर मिली। एसओ सिविल लाइंस अजय यादव ने नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ टीम बनाई। इस ने मेडिकल स्टोर पर छापामारी की। यहां भारी तादाद में प्रतिबंधित इंजेक्शन मिले। इनको पुलिस ने कब्जे में ले लिया। मेडिकल संचालक नीतिश बंसल को गिरफ्तार किया गया है। मामले में स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 के तहत कार्रवाई की गई है।
इन दवाओं का नशे के लिए इस्तेमाल
- फोर्टविन
- फिनारगन
- बुटरिनोफिन
- मोरफिन
- बूटाप्रोक्शोविन
हर तीसरे मेडिकल पर बिक रहीं नशीली दवाएं
बदायूं। पुलिस भले ही शहर में एक स्थान पर नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़ कर खुद की पीठ थपथपा रही हो, लेकिन यह बात भी किसी से छिपी हुई नहीं है कि हर तीसरे मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री हो रही है। गली-कूंचों में तमाम अवैध मेडिकल स्टोर भी संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस इनकी अनदेखी कर रहे हैं। परचून की दुकानों पर भी जहरीले पदार्थों की बिक्री बिना हाउस होल्ड लाइसेंस के हो रही है।