बदायूं। बुजुर्ग गुप्ता हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई की मॉनीटरिंग खुद डीआईजी आरकेएस राठौर कर रहे हैं। गुरुवार देर रात तक डीआईजी बदायूं में ही डेरा जमाए रहे। रात में उन्होंने एसएसपी सौमित्र यादव, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा और कोतवाल एसएस बराच के साथ बैठक कर सभी पहलु पर गौर कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
पहले से घर में मौजूद थे हत्यारे!
बुजुर्ग गुप्ता दंपति घर में पहली मंजिल पर अकेले रहते थे। हत्यारों को यह बात पता थी। वह रोज छह से सात बजे के बीच दूध लेने जाते थे। इस दौरान उनका मुख्य दरवाजा खुला रहता था। वापस आने के बाद वह दरवाजा बंद करते थे। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि हत्यारे सुबह इसी दरमियान घर में घुसे होंगे। विजेंद्र गुप्ता ने पांच अप्रैल को दोपहर 12.31 बजे अपनी पुत्रवधु से फोन पर बात की। इसके बाद उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। संभवत: दोपहर या शाम को मौका मिलने पर गुप्ता दंपति की हत्या कर दी गई। बाद में हत्यारे दूसरे दरवाजे से बाहर निकल गए।