जिले का पुलिस महकमा सूची बनाने में जुटा
अपराधों पर काबू के लिए पुलिस ने नई कवायद शुरू की है। प्रत्येक जिले में इसके लिए 12 टॉप अराधियों की सूची तैयार की जा रही है। डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर सभी कप्तानों से पांच मई तक यह सूची मुहैया कराने का आदेश दिया है। डीडीपी के आदेश के बाद पुलिस महकमा इस कवायद में जुट गया है। सक्रिय गिरोह भी सूचीबद्ध किए जा रहे हैं। गिराहबंद अपराध शून्य होने के चलते टॉप अपराधियों की सूची बनाई जा रहा है। ताकि अपराध पर नियंत्रण हो सके।
जरायम की दुनिया में बदायूं का नाम पहले से बदनाम है। लूट, डकैती, रोड होल्डअप, अपहरण, हत्या जैसी संगीन वारदातों के साथ पशु तस्करी और पुलिस पर हमलों की वारदातें भी यहां अक्सर होती हैं। सूबे के डीजीपी ने इसको लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी आईजी, डीआईजी के साथ एसएसपी को सर्कुलर जारी कर पांच मई तक जिलों से टॉप 12 अपराधियों की सूची देने को कहा है। डीजीपी का आदेश मिलने के बाद पुलिस महकमा अपराधों के लिहाज से बड़े अपराधियों की सूची तैयार कर रहा है।
जिले में सूचीबद्ध हैं 25 गिरोह
बदायूं। पुलिस रिकार्ड पर गौर करें तो जिले में कुल 25 गिरोह सूचीबद्ध हैं। हालांकि, यह गिरोह सक्रिय नजर नहीं आ रहा। इसी वजह से गिरोहबंद अपराध पुलिस रिकार्ड में शून्य हैं। बड़े अपराधी अब अपने तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे में सूचीबद्ध 25 गिरोह से हटकर टॉप अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है।
मुखबिर तंत्र पर भी दिया जाएगा जोर
बदायूं। पुलिस महकमा अब मुखबिर तंत्र पर भी जोर देता। तमाम वारदातों में मुखबिर तंत्र कमजोर होने की वजह से पुलिस को कामयाबी मिलने में देरी होती है। महकमा अब यह समझ चुका है कि अपराधों पर काबू के लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत करना जरूरी है।
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अपराधियों पर नजर रखी जा रही है। टॉप अपराधियों की नए सिरे से सूची तैयार कराई जा रही है। सूची को वक्त पर पुलिस मुख्यालय भेज दिया जाएगा।-सौमित्र यादव, एसएसपी