अलापुर थाने के गांव इकरी में पांच सितंबर 2011 को लालू पुत्र बुंदू की हत्या कर दी गई थी। बुंदू ने गांव के ही अजीत, नवाब, भूरे (सगे भाई) समेत वाजिद और उसके लड़के गुड्डू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 23 सितंबर को मामले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज ईसी एक्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। रविवार को जेल में बंद वाजिद (67) पुत्र तुफैल खां की हालत बिगड़ गई। उसको अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान वाजिद की मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की सही वजह साफ हो सकेगी।
तीन दिन पहले वाजिद को बुखार आया था। उसको जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार को उसे सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर जिला अस्पताल भेजा गया। वहां उसकी मौत हो गई।-अरविंद पांडेय, जेलर