सिर्फ पंद्रह दिन में खाकी का दामन दो बार दागदार हो गया। पहले मूसाझाग थाना और अब उझानी कोतवाली। यह पहली मर्तबा है, जब दो सिपाही गैंगरेप और एक हत्या की कोशिश के आरोप में जेल भेजा गया है। जिला जेल में इस समय गंभीर आपराधिक मामलों में तीन सिपाही बंद हैं।
मूसाझाग थाने में नाबालिग से गैंगरेप का मामला ठंडा नहीं हुआ था कि उझानी कोतवाली में छात्रा के साथ जबरदस्ती करने का मामला सामने आ गया। यह मूसाझाग कांड से सबक नहीं लेने का नतीजा है। उझानी थाने के सिपाही गौरव टाइटलर का रौब इलाके में मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव से कम नहीं था।
यह सिपाही दरोगा की वर्दी पहन कर निकलता था। कई बार तो इस सिपाही को दरोगा की वर्दी में निलंबित किए गए कोतवाल रामसूरत यादव के साथ भी देखा गया।