भैंसोरा की प्रधान रामबेटी यादव के पति शिशुभान की हत्या में नामजदों में से दो लोगों को पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया। हालांकि पुलिस ने अभी गिरफ्तारी ऑन रिकार्ड नहीं की है लेकिन आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
प्रधानी के चुनाव की रंजिश में प्रधानपति शिशुभान यादव की हत्या मंगलवार सुबह दिनदहाड़े लाठियों से पीटकर की गई थी। हमले में मृतक का बेटा केशपाल घायल हुआ था। मृतक के छोटे बेटे विनय ने हत्याकांड में सात लोगों को नामजद कराया था। नामजदों में से विरेश और आदर्श उर्फ छंग्गन को पुलिस ने गुरुवार सुबह दबोच लिया। उन्हें एक स्थान पर पैरोकारों के जरिए बुलवाया गया था। कोतवाली में छंग्गन और विरेश से पूछताछ भी की गई।
पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अभी तक कुछ खास नहीं बताया है लेकिन दबंगई में मृतक का बाधक बनना सामने आ रहा है। बताते हैं कि पप्पू और उसके भाई कच्ची शराब के गोरखधंधे में भी लिप्त रहे हैं। प्रधानपति ने हर बार ही गोरखधंधे का विरोध किया था। उधर, पुलिस ने फरार नामजदों की तलाश में कछला क्षेत्र में ही कई स्थानों पर दबिश दी। गांव जाकर आसपास इलाके के लोगों से भी आरोपियों के पते-ठिकानों के बारे में जानकारी की।
कई दिन से शिशुभान की फिराक में थे हमलावर
कोतवाली पुलिस की हिरासत में मौजूद छग्गन और विरेश ने पूछताछ के दौरान घटना के बारे में जो जानकारी दी है, उससे साफ है कि हमलावर पिछले तीन-चार दिन से प्रधान के पति की फिराक में थे। मंगलवार को मौका मिलते ही हमलावरों ने प्रधान के पति को बेटे के साथ घेर लिया। हालांकि उनके पास देसी असलाह थे लेकिन हत्या के लिए उन्होंने लाठी-डंडों का ही इस्तेमाल किया। फायरिंग इसलिए नहीं की ताकि ग्रामीण और मृतक के घरवाले मौके पर न पहुंच पाएं।