बताते चलें कि थाना वजीरगंज क्षेत्रांतर्गत एक महिला ने आरोपी पंकज के विरुद्ध दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर थाना पुलिस ने कोर्ट में अंतिम आख्या प्रस्तुत की और पीड़िता ने भी एफआर पर आपत्ति नहीं की। अभियोजना अधिकारी ने कहा कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों मरें पुलिस द्वारा एफआर दिया जाना आपत्तिनजक है और कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी कहा गया है कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में ना तो सुलह संभव है और न ही किसी प्रकार का मैनेजमेंट। चूंकि उक्त अपराध समाज के विरुद्ध होता है।
मजिस्ट्रेट श्री सिद्दीकी ने पुलिस द्वारा प्रेषित अंतिम आख्या को निरस्त करते हुए उक्त गंभीर मामले के आरोपी पंकज सिंह को प्रथम दृष्टया अपराधी मानते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।