दुष्कर्म की शिकार डेढ़ साल की दलित बच्ची को जिला महिला अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज करने के मामले का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है। मामले में सीएमओ और महिला अस्पताल की सीएमएस का जवाब तलब किया गया है। आयोग के सदस्य सतीश प्रेमी ने सोमवार को जिला महिला अस्पताल पहुंच कर बच्ची का हाल जाना और उसके माता-पिता से बात की। सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार का बीपीएल कार्ड बनवाने के साथ उनके किसी योजना में आवास भी मुहैया कराएं। उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
शहर के लालपुल इलाके में डेढ़ साल की दलित बच्ची से 14 अप्रैल को रेप हुआ था। गंभीर हालत में बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखारानी ने बच्ची को जबरन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। घर जाने के बाद बच्ची की हालत फिर बिगड़ गई। बाद में अफसरों के दबाव में बच्ची को फिर से अस्पताल में भर्ती किया गया। डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर और सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना अस्पताल पहुंच कर बच्ची की हाल जाना। डीएम शंभूनाथ ने सीएमओ से नाराजगी जताई। अनुसूचित जाति आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है। आयोग के सदस्य सतीश प्रेमी ने बच्ची का हाल जानने और परिवार वालों से बात करने के बाद कहा कि पूरे मामले को वह आयोग के समक्ष रखेंगे। सतीश प्रेमी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्ची के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बच्ची के परिवार वालों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
बच्ची की मां बोली, सीएमएस ने की मनमानी
बदायूं। दुष्कर्म की शिकार डेढ़ साल की दलित बच्ची की मां ने अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य सतीश प्रेमी को बताया कि महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी ने बच्ची को डिस्चार्ज करने में मनमानी की थी। बच्ची की मां ने बताया कि रविवार को सीएमएस डॉ. रेखा रानी उनके पास आईं। सीएमएस ने बच्ची को घर ले जाने के लिए कहा। जब उन्होंने हालत अभी ठीक न होने का हवाला दिया तो उनको हड़काया। बाद में जबरन बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया। जब वह घर पहुंचीं तो बच्ची को फिर से खून बहने लगा। सतीश प्रेमी ने महिला अस्पताल की सीएमएस की इस भूमिका पर असंतोष जताया है।
बच्ची की सुरक्षा पर आयोग ने डीआईजी से मांगी रिपोर्ट
बदायूं। दुष्कर्म की शिकार डेढ़ साल की दलित बच्ची की सुरक्षा पर अनुसूचित जाति आयोग ने डीआईजी बरेली रेंज से रिपोर्ट मांगी है। बच्ची को जबरन अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के मामले को भी गंभीरता से लिया गया है। आयोग के सहायक निदेशक तरुण खन्ना ने डीआईजी से कहा है कि बच्ची को डिस्चार्ज किए जाने के पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए। परिवार वालों को सुरक्षा और बच्ची को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
बच्ची की हालत में अब सुधार
बदायूं। दुष्कर्म की शिकार बच्ची की हालत में अब कुछ सुधार है। बिना स्वस्थ हुए बच्ची को अस्पताल में डिस्चार्ज कर दिए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी। उसको बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरे दिन भी बच्ची पूरी तरह से होश में नहीं आई है। हालांकि उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है।
आयोग के सदस्य से नहीं मिले सीएमओ, सीएमएस
बदायूं। जिले में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के नोडल अधिकारी होने के नाते सीएमओ की अहम जिम्मेदारी होती है। आयोग के सदस्य सतीश प्रेमी जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना और महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी नदारद रहे। इस पर सदस्य ने नाराजगी जताई। आयोग के सदस्य के साथ सीओ सिटी आरएस धामा, कोतवाल एसएस बराच और जिला पंचायत सदस्य सर्वेशा देवी भी अस्पताल पहुंचीं।
अस्पताल की भूमिका पर रोष जताया
बदायूं। कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पवन गौतम ने दुष्कर्म की शिकार दलित बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से की गई है। जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कांग्रेसी शांत नहीं बैठेंगे।
मानवाधिकार संगठन भी मुखर हुए
बदायूं। दुष्कर्म की शिकार डेढ़ साल की दलित बच्ची को जबरन अस्पताल से रेफर किए जाने के मामले पर मानवाधिकार कार्यकर्ता भी मुखर हो गए हैं। मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महिला अस्पताल पहुंच कर बच्ची का हाल जाना। कार्यकर्ताओं ने सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना और महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. दिनेश यादव से बात की। चेतावनी दी कि अगर बच्ची के इलाज लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस मौके पर अकील अहमद, शोभारानी, स्वाति सक्सेना, निशा सक्सेना, सुमन सक्सेना, नजमा शमीम, शब्बन खां, कदीर खां, सुमन धींगड़ा, सुधीर सक्सेना, नरेश चंद्र, अफरोज, मुरारी लाल आदि रहे।