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रोडवेज बस ने कार रौंदी, स्कूल प्रबंधक की मौत

Fri, 19 Jan 2018 06:34 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
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उत्तर प्रदेश परिवहन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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घने कोहरे में कछला पुल पर शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार रोडवेज बस ने ईको कार को रौंद दिया। इसमें शिवनारायण मेमोरियल उमा विद्यालय के प्रबंधक कुंवरपाल यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो साधु घायल हो गए। हादसे के बाद जुटी भीड़ ने बस पर जमकर पथराव किया। बस में आगजनी का प्रयास किया गया। गुस्साए कस्बाई पुल पर ही जाम लगाकर बैठ गए। पथराव के दौरान बस के शीशे का टुकड़ा कोतवाल के लगा। बाद में एसडीएम और सीओ ने जाम खुलवाकर शव कब्जे में ले लिया। हादसा सुबह नौ बजे हुआ। कछला में शिवनारायण मेमोरियल उमा विद्यालय के प्रबंधक कस्बे के ही निवासी कुंवरपाल यादव उर्फ केपी (32) निजी कार से कासगंज जिले के सोरों क्षेत्र के गांव तारापुर में बुआ के घर ईको कार से निकले। कछला चौराहे से ही कार में गंगाघाट निवासी पगलानंद आश्रम के महंत रामानंद (65) और उनका शिष्य मुरलीदास (40) सवार हो गए। कुंवरपाल यादव के भाई जेपी यादव के मुताबिक चालक ने कार पुल पर रोक ली। चालक नीचे उतरकर एक खोखे की ओर बढ़ा ही था कि सामने से अलीगढ़ डिपो की बस ने कार को रौंद दिया। कार में अगली सीट पर बैठे केपी यादव की मौके पर ही मौत हो गई। साधु मुरलीदास और रामानंद घायल हो गए। हादसे में कार का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया। सवारियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग भी इकट्ठे हो गए। देखते ही देखते लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने घायल साधुओं को एबुंलेंस से अस्पताल भिजवाने के बाद स्कूल प्रबंधक के शव को बाहर निकाला। तब तक बस चालक भाग गया। गुस्साए लोगों ने बस पर जमकर पथराव किया। बस के शीशे तोड़ दिए। जानकारी मिलने पर कोतवाल राजीव कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पथराव कर रहे लोगों को समझाया तो बस का शीशे का टुकड़ा टूटकर उनके चेहरे पर लग गया। इससे उनके गाल से खून बहने लग गया। उसी समय एक युवक ने बस में आगजनी का भी प्रयास किया। भीड़ में लोगों के गुस्से की वजह से कोतवाल ने मुजरिया, कादरचौक और सहसवान से पुलिस फोर्स बुला लिया। एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ भूषण वर्मा ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया। करीब दो घंटे तक लगे जाम की वजह से बरेली-मथुरा हाईवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहे। इधर, कोतवाल ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर बस के अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। 
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लोगों के गुस्से से छूटा पुलिस का पसीना  
हादसे के बाद जिस तरह से आसपास इलाके के लोगों की भीड़ इकट्ठी हुई तब मौके पर दो-तीन पुलिस कर्मी ही मौजूद थे। भीड़ पर काबू पाने में नाकाम चौकी इंचार्ज ने अफसरों को पल-पल की खबर दी। एक समय ऐसा भी आया कि पुलिस कर्मी ठंड में चेहरा पोंछते नजर आए। 
पुलिस की परेशानी भी वाजिब थी। हादसे के बाद लोगों की संख्या में वृद्धि होती देख पुलिसकर्मियों ने शुरू से ही अतिरिक्त फोर्स मांगना शुरू कर दिया। चश्मदीदों की मानें तो चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने कोतवाल से कॉल करते समय कह दिया कि जल्दी पुलिस फोर्स नहीं पहुंचा तो हालात पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। चूंकि कोतवाली समेत आसपास के थानों से फोर्स पहुंचने में आधा-पौन घंटा लग गया, इसलिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी चश्मदीद बनकर चेहरा पोंछते रहे। कोतवाल के साथ ही आसपास थानों का फोर्स पहुंचने पर ही चौकी के पुलिस कर्मियों ने राहत महसूस की।
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.. तो फिर नहीं बच पाते दोनों साधु 
 रोडवेज बस की टक्कर लगते ही ईको कार घिसटकर पुल की रेलिंग तक पहुंच गई। कार का पिछला हिस्सा रेलिंग के ऊपर टंग गया। गनीमत रही जो कार रेलिंग की वजह से आगे नहीं बढ़ पाई नहीं तो कार पुल के नीचे गंगा में गिर जाती। ऐसे में दोनों साधु रामानंद और मुरलीदास का बचा पाना भी मुश्किल हो जाता। राहगीरों ने हादसे के बाद कार को धकेल कर रेलिंग से हटाया।

केपी के परिवार पर असमय टूटा मुसीबत का पहाड़ 
उझानी। शिवनारायण मेमोरियल उमा विद्यालय के प्रबंधक केपी यादव कछला के बहोरानगला के निवासी थे। भाई जेपी यादव ठेकेदारी करते हैं। हादसे में केपी यादव की मौत की भनक लगते ही परिवार के जो लोग हादसा स्थल पर पहुंचे उनमें मृतक की पत्नी नीलम भी थी। वह पति के शव को देख बेहोश हो गई। केपी की चार संतानों में सबसे बड़ी बेटी बबली 12 साल की है। बेटों में 10 वर्षीय विकास, छह साल का विशाल और दो वर्षीय बिट्टू हैं। परिवार पर असमय टूटे मुसीबत के इस पहाड़ की वजह से चारों संतानों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
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