बिजनौर-बदायूं हाईवे पर गांव हैदलपुर के पास मंगलवार को घर से निकले ट्रैक्टर चालक का शव पड़ा मिला। शिनाख्त के बाद परिवार के लोगों ने ग्रामीणों के साथ हाईवे जाम कर दिया। चार घंटे जाम लगा तो एसपी देहात, एसडीएम आदि अफसरों ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। मृतक की पत्नी की ओर से हैदलपुर के पूर्व प्रधान एवं ट्रैक्टर मालिक समेत दो लेगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
क्षेेत्र के गांव निजामपुर निवासी कुसुमा देवी पत्नी तोताराम ने थाने में दी तहरीर में कहा कि उनके पति तोताराम (37) पुत्र मोतीराम शाक्य पड़ोसी गांव हैदलपुर के पूर्व प्रधान मनु उर्फ रजनीश का ट्रैक्टर चलाते थे। मंगलवार दोपहर मनु और उनका नौकर शमशाद उनके घर आए और पति से कहने लगे कि आलू खोदने की मशीन संभल से लानी है। तुम साथ चलो। इसके बाद उनके पति इन लोगों के साथ चले गए। देर शाम तक वह वापस घर नहीं आए तो वह और गांव के कुछ लोग उनकी तलाश में मनु के घर गए। जानकारी ली तो उन्होंने मना कर दिया। बुधवार सुबह छह बजे सूचना मिली कि उनके पति का लहूलुहान शव गांव हैदलपुर के पास पड़ा है। कहा कि उनके पति की हत्या कर उसे एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश की गई है।
थानाध्यक्ष कृष्णगोपाल शर्मा ने बताया कि घटना के बाद गांव और परिवार के लोगों ने घटनास्थल पर जाम लगा दिया। इससे दोनों ओर से यातायात ठप हो गया। बाद में अधिकारियों के काफी समझाने और ठोस कार्रवाई के आश्वासन के बाद नाराज लोगों ने जाम खोला। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुसुमा ने मनु और शमशाद पर हत्या कर शव सड़क पर फेंकने का आरोप लगाया ताकि लोग इस घटना को एक्सीडेंट समझें। पुलिस ने कुसुमा की ओर से मनु और शमशाद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चोटों से मौत की पुष्टि, और उलझा केस
बदायूं। तोताराम की मौत को लेकर जहां पुलिस और परिवार की बातें अलग थीं, वहीं अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने इसे और उलझा दिया है। रिपोर्ट में तोताराम की मौत चोटों की वजह से होने का जिक्र है। चोटें एक्सीडेंट की वजह से लगीं या पीटकर हत्या की गई, इस बारे में स्थिति साफ नहीं है। मृतक का सिर उड़ गया था। दायां पैर टूटा था तो हड्डी बाहर निकली हुई मिली।