फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लड का नमूना और फिंगर प्रिंट से भी नहीं खुल सका राज

Wed, 12 Aug 2015 08:18 PM IST
बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के चर्चित रिटायर्ड इंजीनियर दंपति मर्डर केस में जांच उलझती हुई नजर आ रही है। घटनास्थल से लिए गए सैंपल फॉरेंसिक जांच में कोई अहम राज नहीं खोल सके हैं। जांच में पाया गया है कि घटना स्थल पर जो खून के निशान मिले थे वह मरने वालों के ही थे। घटना स्थल से लिए गए फिंगर प्रिंट की क्वालिटी भी इतनी खराब पाई गई है के इससे भी कुछ साफ नहीं हो रहा है। पुलिस जांच का दारोमदार अब शक के घेरे में आए चार लोगों की पॉलिग्राफी टेस्ट पर है।
विज्ञापन

शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राह्मपुर में 8 अप्रैल को रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता के शव घर की रसोई में मिले थे। दोनों की नृशंस हत्या की गई थी। वारदत का खुलासा करने के लिए एसटीएफ के साथ लोकल पुलिस की चार टीमों को लगाया गया था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने भी घटना स्थल से सैंपल लिए थे। मौके से लिए गए सेंपल की निरीक्षण रिपोर्ट तो दो दिन के बाद पुलिस को दे दी गई थी। बाकी सेंपल जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिए गए थे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट से पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा है। इससे पुलिस जांच को भी कोई दिशा नहीं मिल सकी। घटना स्थल पर मिले खून के निशान विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता के ही थे। दोनों की हत्या तीन दिन पहले कर दी गई थी। ऐसे में घटना स्थल के प्रिंगर प्रिंट की क्वालिटी भी खराब हो चुकी थी। एक्सपर्ट इससे में कुछ खास क्लू नहीं तलाश सके। मामले में पुलिस अब शक के आधार पर पॉलिग्राफी टेस्ट कराने की बात कह रही है।
---------
शातिराना अंदाज में दिया वारदात को अंजाम
बदायूं। हत्यारों ने वारदात को अंजाम बेहद शातिराना अंदाज में दिया था। यह बात अब तक तो सिर्फ कही जा रही थी, अब फॉरेंसिक एक्सपर्ट के हाथ भी खाली होने से यह बात साफ हो गई है। भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो मौके से लिया गया कोई भी सैंपल जांच को दिशा नहीं दे सका है। यही वजह है कि मामले में जांच कर रही एसटीएफ के हाथ भी अब तक खाली हैं।
विज्ञापन

-----
पॉलिग्राफी टेस्ट पर दारोमदार
बदायूं। पुलिस पहले से ही घटना के पीछे  िकसी करीबी का हाथ होने की बात कह रही थी। उम्मीद थी कि फॉरेंसिक जांच में कुछ चीजें साफ हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस जांच का दारोमदार अब पॉलिग्राफी टेस्ट पर है। एसएसपी सौमित्र यादव यह यह साफ भी कर चुके हैं कि शक के आधार पर कुछ लोगों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इसके लिए जल्द कोर्ट से अनुमति ली जाएगी।
--------
फॉरेंसिक एक्सपर्ट की जांच से अब तक कोई ठोस क्लू नहीं मिला है। मामले में सभी तरह की साइंटिफिक जांच कराई जाएंगी। शक के घेरे में आए कुछ लोगों का पॉलिग्राफी टेस्ट कराया जाएगा। उम्मीद है कि पॉलिग्राफी टेस्ट से जांच को दिशा मिले।
विज्ञापन

-सौमित्र यादव, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें