सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख पतंजलि भारद्वाज, उनके तीन बेटों और एक भाई को कोर्ट ने दो लोगों की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। सभी को सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। कोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। अदालत ने दूसरे पक्ष के छह लोगों को दोष मुक्त कर दिया है।
घटना आठ जनवरी, 2005 की है। उस समय म्याऊ के ब्लाक प्रमुख पतंजलि भारद्वाज थे। ब्लाक परिसर में सहकारी समितियों के चुनाव के लिए नामांकन के दौरान म्याऊ निवासी माधोराम जब यहां किसी काम से पहुंचे तो पतंजलि भारद्वाज ने उनसे मारपीट की और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर बात बढ़ गई तो ठाकुर ओमेंद्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार और अरमेंद्र कुमार कई लोगों के साथ ब्लाक मुख्यालय पहुंच गए। आरोप था कि पतंजति भारद्वाज, उनके पुत्र राहुल, विकास, वरुण और भाई वशिष्ठ भारद्वाज की ओर से इन लोगों पर फायरिंग की गई है। इसी फायरिंग में अशोक कुमार पुत्र पुत्तू लाल और अरमेंद्र पुत्र माधोराम की मौत हो गई, जबकि ओमेंद्र प्रताप सिंह घायल हो गए। मामले में माधोराम की ओर से पतंजलि और अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इधर, पतंजलि पक्ष की ओर से माधोराम, ओमेंद्र सिंह, अशोक कुमार, अरमेंद्र, प्रवेंद्र सिंह और रवेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कया गया था, जिसमें कहा गया था कि इन लोगों ने ब्लाक परिसर में आकर फायरिंग कर दी। इसमें उनके नौकर बबलू और छोटे घायल हो गए।
मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट एसएन सिंह ने पतंजलि भारद्वाज समेत उनके तीनों पुत्रों और भाई को अशोक कुमार और अरमेंद्र की हत्या का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने पतंजति की ओर से दर्ज कराए गए दूसरे मामले में आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया है।