गंभीर रूप से घायल पिता से बस में छूट गया बालक
रोडवेज की दो बसों में आमने-सामने की भिड़ंत से घायलों में शामिल एक साल के मासूम बालक को देख पत्थरदिल इंसान भी मदद के लिए आगे आ गए। सफर में गंभीर रूप से घायल पिता से बिछुड़े इस बालक पर एक युवक की नजर पड़ी तो वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचा लेकिन किसी भी घायल ने उसे नहीं पहचाना। करीब चार घंटे तक पसोपेश के बीच लेडी सिपाही गोद में लेकर जिला अस्पताल पहुंची तो दादी विलकीस ने उसे अपने आंचल में समेट लिया। एक साल का मासूम बालक अपना नाम रेहान तो बताता रहा लेकिन पता और पिता का नाम नहीं बता पाया। वह पीलीभीत डिपो की रोडवेज बस में सीट पर सिसकता मिला। गोद में उठाकर एक युवक बाहर लाया। उसने कई घायलों के पास पहुंचकर दिखाया भी लेकिन किसी ने भी नहीं पहचाना। अस्पताल में भी वह करीब तीन घंटे तक मददगार युवक की गोद में रहा। बदहवास बालक को उस युवक ने लेडी सिपाही मीना यादव को सौंप दिया। मीना ने उसे चॉकलेट खिलाकर घर-परिवार के बारे में पूछा। बकौल मीना- वह रेहान को लेकर जिला अस्पताल बदायूं पहुंची तो विलकीस नामक वृद्धा को देखते ही बच्चे ने पहचान लिया। रेहान अपने पिता सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुर निवासी शरीफ अहमद के साथ था। शरीफ को अलीगढ़ पहुंचना था लेकिन रास्ते में वह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। शरीफ को बरेली रेफर किया जा चुका है।