भैंसोरा की प्रधान के पति की हत्या और बेटे को घायल कर देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने सुरजीत को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना में उसकी संलिप्तता भी वारदात में पाई गई थी। पूछताछ के बाद सुरजीत को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसोरा निवासी सुरजीत को पुलिस ने बुधवार शाम गांव के पास से ही धर दबोचा। पूछताछ के बाद सुरजीत की निशानदेही पर पुलिस ने वह लाठी भी बरामद कर ली जिससे प्रधानपति शिशुभान यादव की हत्या की गई थी। कोतवाल रामसूरत यादव ने बताया कि सुरजीत को नामजद नहीं कराया गया था लेकिन गिरफ्तारी के वक्त नामजदों ने उसे अपने साथ बताया था। सुरजीत घटना के बाद से ही फरार था।
बता दें कि नौ दिसंबर को भैंसोरा में सरेराह शिशुभान की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने बचाव में जुटे शिशुभान के बेटे केशपाल की बेरहमी से पिटाई की थी। हमलावर उसे मरा समझ कर छोड़ गए थे। शिशुभान हत्याकांड में मृतक के बड़े बेटे विनय कुमार ने पड़ोसी गांव चौसिंगा के सुआपाल समेत छह हमलावरों को नामजद कराया था। सुरजीत का नाम शामिल कराने के लिए भी विनय ने कोतवाल को प्रार्थना पत्र सौंपा था। केस में नामजद पप्पू समेत दो लोगों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और तीन को पुलिस ने पकड़ लिया था। सुआपाल अभी फरार है। उधर, कोर्ट में पेशी के बाद सुरजीत को जेल भेज दिया गया।