डीजीसी क्रिमिनल साधना शर्मा हत्याकांड में बरेली की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। बदायूं पहुंच कर क्राइम ब्रांच टीम ने उझानी पुलिस से केस डायरी समेत अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्य अपने हाथ में ले लिए हैं। मामले में पीसी शर्मा समेत चार आरोपी अब भी पुलिस के हाथ नहीं चढ़े हैं।
साधना शर्मा 23 मई को अपने नौकर बिहारी के साथ स्कूटी से बदायूं से उझानी लौट रही थीं। रास्ते में स्कूटी को कार से टक्कर मार कर साधना की हत्या कर दी गई। मामले में साधना की बहन विपर्णा शर्मा ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, श्रवण गुप्ता, सुधांशु, विजेंद्र नाथ शर्मा, कमल शर्मा और भूरे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच में नामजदगी झूठी निकली थी। 26 जून को पुलिस ने डीआरडीए के बाबू गिरीश मिश्रा और टवेरा कार स्वामी बिल्सी के गांव बेहटा गोसाईं निवासी राजू को दबोचा तो घटना का खुलासा हो गया।
राजू और गिरीश ने पुलिस को बताया कि साधना शर्मा की हत्या में पीसी शर्मा समेत मुजरिया थाने के गांव भीकमपुर का मस्ताना, यासीन बाबा, इशरत, मोहब्बत और पिंटू शामिल थे। हत्याकांड के आरोपी गिरीश मिश्रा, राजू, मस्ताना और यासीन बाबा को पुलिस जेल भेज चुकी है। पीसी शर्मा समेत चार आरोपी अब भी फरार हैं। मामले में जांच इंस्पेक्टर उझानी गोपीचंद्र यादव कर रहे थे। विपर्णा ने विवेचक बदलने की मांग की तो आईजी जोन विजय मीणा ने जांच क्राइम ब्रांच बरेली को सौंप दी थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने बदायूं पहुंच कर केस डायरी समेत इस मामले से जुड़े सभी कागजात अपने हाथ में ले लिए हैं। मामले में विवेचना शुरू कर दी है।