आलू व्यापारी अमित अग्रवाल के नौकर से पांच लाख रुपये की लूट ने
कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को जिस ढंग से अंजाम दिया गया उससे साफ है
कि बदमाशों को पुलिस का कोई खौफ नहीं था। कोतवाली से कुछ दूरी पर जब घटना
हुई उस समय थाने में एसडीएम सदर के साथ सीओ (सिटी) और कोतवाल थाने में
मौजूद थे।
कोतवाली से चंद कदम पर बाइक सवार बदमाशों ने जिस वक्त लूट की
वारदात को अंजाम दिया उस वक्त स्टेशन रोड पर काफी चहल पहल थी। पॉश इलाका
होने के साथ ही घटनास्थल के पास ही अस्पताल, नगर परिषद कार्यालय और पूर्व
राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल की कोठी भी है। पीड़ित व्यापारी की कोठी भी
वहीं पर है। यह वह इलाका है जहां से गुजरते वक्त लोगों के जेहन में
असुरक्षा की भावना पैदा होने का सवाल भी नहीं उठता। जिस बैंक से रुपये
निकाले गए, वह भी स्टेशन रोड का ही हिस्सा है।
पाश इलाके में पांच लाख
रुपये लूट की घटना ने सुरक्षा के ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं कि व्यापारी
समुदाय और पुलिस को इसके लिए सोचना पड़ेगा। खास बात यह कि बाइक सवार बदमाश
कोतवाली से चंद कदम दूर घटना को अंजाम देने में उनको कोई डर नहीं था। जबकि
घटना के वक्त कोतवाली परिसर में ही एसडीएम (सदर) प्रदीप कुमार यादव और सीओ
(सिटी) राजेंद्र सिंह धामा अब्दुल्लागंज के माहौल को लेकर कोतवाल के साथ
अहम बैठक कर रहे थे।
इंसेट
बैंक के बाहर बाइक तो कैमरे में होगा फुटेज
उझानी।
पंजाब नेशनल बैंक में सीसीटीवी कैमरा भी लगा है। घटना से पहले अगर बदमाशों
ने बैंक में रेकी की तो उनके चेहरे बैंक के सीसीटीवी कैमरे में हो सकते
हैं। घटना के बाद यह बात कुछेक व्यापारियों की जुबां पर उस वक्त आई जब किसी
ने काले रंग की पल्सर बाइक बैंक के गेट पर खड़ी होने की बात कही। बदमाशों
की घेराबंदी में जुटी पुलिस बैंक पहुंचकर कैमरे की फुटेज देखने की जरूरत भी
महसूस नहीं की।
इंसेट
लूट की सनसनीखेज घटनाएं
गल्ला व्यापारी प्रदीप चौधरी से ढाई लाख की लूट
महावीर प्रसाद से सवा दो लाख रुपये की लूट
अढौली से खेमकरन से 1.40 लाख रुपये की लूट
कपड़ा व्यापारी से दो लाख की रुपये की लूट
सेवानिवृत्त जेई महेंद्र पाल से एक लाख की लूट