मूसाझाग थाने के एक कमरे में नाबालिग से गैंगरेप मामले में सस्पेंड किए गए एसओ रामलखन यादव ने जांच को उलझाने की पूरी कोशिश की है। डीआईजी और फॉरेंसिक टीम के आने से पहले गैंगरेप के आरोपी सिपाही वीरपाल यादव के उस कमरे के ताले तुड़वा कर आपत्तिजनक सामान हटवा दिया गया, जिसमें गैंगरेप की घटना हुई थी। हालांकि घटना से जुड़ी संदिग्ध चीजें दूसरे सिपाही के कमरे से मिली हैं।
जांच अधिकारी जब पीड़िता को थाने लाए और उससे घटनास्थल के बारे में पूछा तो वह सीधे सिपाही वीरपाल के कमरे की ओर गई। उसने कहा कि यहीं उसके साथ रेप हुआ था। यहां बता दें कि किशोरी इससे पहले कभी मूसाझाग थाने नहीं गई। यादव ने शुक्रवार को फॉरेंसिक टीम आने से पहले वीरपाल यादव का कमरा साफ कराया था। इधर, फॉरेंसिक टीम के यहां से जाने के बाद सिपाही अवनीश यादव के कमरे से एक आर्टीफीशियल टॉप, बालों में लगाने वाला एक क्लिप बैंड, सफेद मोतियों की एक माला और सफेद लेडीज रूमाल बरामद हुआ है। सभी सामान सील कर दिया गया है।
सवाल है कि जब पीड़िता वीरपाल के कमरे में रेप होने की बात कह रही है तो यह सामान अवनीश के कमरे में कैसे बरामद हुआ? फॉरेंसिक एक्सपर्ट की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ी? सवाल यह भी है कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट के आने से पहले वीरपाल का कमरा साफ क्यों करा दिया गया?
रामलखन यादव के सस्पेंड होने के चौबीस घंटे बाद भी थाने में ही जमे रहने पर भई सवाल उठ रहे हैं।
मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है। सब कुछ उच्च अधिकारियों की जानकारी में है।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी