मूसाझाग थाने में गैंगरेप के मामले में एसओ रामलखन यादव ने जिस तरह सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव को बचाने के लिए साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश की थी, उझानी कोतवाल रामसूरत यादव ने भी कमोवेश वैसा ही किया।
गुरुवार को छात्रा उझानी कोतवाली के पास घायल अवस्था में बेहोश मिली थी। उझानी कोतवाल की जानकारी में पूरा मामला भी था लेकिन इसे दबाने की पूरी कोशिश हुई। शनिवार को छात्रा के बयान के बावजूद आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर पर छेड़छाड़ की धारा तक नहीं लगाई गई। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में सिपाही की कारस्तानी की ओर इशारा किया था।
यही नहीं, सूत्रों की मानें तो घटना के बाद छात्रा के परिवार वालों को पुलिस ने लालच दिया था। उझानी कोतवाल रामसूरत यादव ने तो यहां तक कहा था कि सिपाही की छात्रा से शादी करा देंगे। परिवार वालों को छात्रा का अच्छे अस्पताल में इलाज और रुपये देने का लालच भी दिया गया था।
नहीं हो सके 164 के बयान
बदायूं। छात्रा की हालत गंभीर होने की वजह से उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान अब तक दर्ज नहीं हो सके हैं। सीओ उझानी सतीश शर्मा ने बताया कि छात्रा सुरक्षा में है। उसकी हालत में सुधार होते ही 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। बाद में इसी आधार पर मुकदमा भी तरमीम किया जाएगा।
डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिए
बदायूं। आरोपी सिपाही का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इस दौरान इसके शरीर से डीएनए टेस्ट के लिए नमूने भी लिए गए। इन नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।
सिपाही की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू
बदायूं। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने उझानी कोतवाल रामसूरत यादव को लाइन हाजिर और आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी सिपाही के खिलाफ जांच शुरू हो गई है और उसकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।