एक व्यक्ति ने अपने नवजात बच्चे को 20 हजार रुपये में बेच दिया। उसकी पत्नी को इस बारे में पता लगा तो उसने पुलिस में शिकायत की। काफी हंगामा हुआ। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठा कर समझौता करा दिया। मामले में लिखा-पढ़ी नहीं की गई है।
कादरचौक थाने के गांव बमनौसी निवासी रामचंद्र करीब छह साल पहले बिहार से शादी करके महिला को लाया था। उसकी पत्नी तीन बेटियों को जन्म दे चुकी है। करीब एक महीने पहले रामचंद्र की पत्नी ने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया था। कादराबाद गांव में रामचंद्र की बुआ राममूर्ति ब्याही हैं। राममूर्ति की बेटी के कोई संतान नहीं है। राममूर्ति के कहने पर एक बेटा रामचंद्र ने अपनी बुआ की बेटी को दे दिया। इस बारे में रामचंद्र की पत्नी को पता लगा तो उसे नागवार गुजरा। वह भदरौल चौकी पहुंची। आरोप लगाया कि उसके बेटे को 20 हजार रुपये में बेचा गया है।
इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाया। पता लगा कि रामचंद्र की फुफेरी बहन के कोई संतान न होने की वजह से एक बेटा उसने फुफेरी बहन को दे दिया था। रुपये के लेन-लेन की बात गलत है। रामचंद्र की पत्नी ने बेटे को वापस ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच फैसला हो गया।
रामचंद्र ने अपनी स्वेच्छा से एक बेटा अपनी रिश्तेदार को दिया था। बच्चे को बेचने की बात गलत है। बाद में उसकी पत्नी ने यह भी यह बात स्वीकार की। दोनों पक्षों में फैसला हो गया है।
-रुकुमपाल सिंह, एसओ कादरचौक