दस दिन तक चला अपहरण का ड्रामा आखिर रविवार को महिला का शव बरामद होने के साथ खत्म हो गया। पुलिस ने महिला के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर बरामद कर उसे पोस्टमार्टम को भेजा है। पत्नी का शव ठिकाने लगाने के बाद युवक दस दिन तक दो जिलों की पुलिस को गुमराह करता रहा। मृतका के मायके वालों की ओर से पति समेत तीन लोगों को नामजद करते हुए दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज का अर्जुन अपनी पत्नी ऊषा के साथ 20 को लापता हो गया था। 23 मई को अर्जुन बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के एक नाले में मिला। उसने पुलिस को जो कहानी सुनाई वह किसी के गले नहीं उतरी। अर्जुन ने परिवार, पुलिस और गांव वालों को गुमराह करने के लिए ड्रामा रचा था। उसका कहना था कि वह 20 मई को पत्नी के साथ पंजाब के लुधियाना जाने के लिए घर से निकला। बरेली पहुंचने के बाद चौपला से रेलवे जंक्शन जा रहा था। टेंपो में किसी ने उसे नशा सुंघा दिया। इसके बाद उसे नहीं पता कि क्या हुआ।
अर्जुन की कहानी बदायूं और बरेली पुलिस के गले नहीं उतरी। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो कई चीजें साफ हो गईं। पुलिस ने अर्जुन से सख्ती से पूछताछ की। रविवार को वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ऊषा ने 19 मई को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उसने बिना किसी को बताए शव सोत नदी के किनारे दफन कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ऊषा का शव बरामद कर लिया। ऊषा के पिता सत्यपाल ने अर्जुन उसके पिता सूरजपाल और मां सावित्री के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।