मूसाझाग थाने में नाबालिग से गैंगरेप करने के आरोपी बर्खास्त सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव को शुक्रवार को स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में पेश किया गया। स्पेशल जज ने चार्जशीट का अवलोकन किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट अनिल कुमार मामले में दो अप्रैल को आरोप तय करेंगे।
मूसाझाग थाने में 31 दिसंबर की रात सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने नाबालिग से गैंगरेप किया था। अवनीश यादव को पांच और वीरपाल यादव को 11 अप्रैल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। बाद में दोनों को बर्खास्त कर दिया गया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में दाखिल कर दी। चार्जशीट का अवलोकन करने के दौरान शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों बर्खास्त सिपाहियों को तलब किया था। चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद स्पेशल जज ने दोनों सिपाहियों पर आरोप तय करने के लिए दो अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
यह लगी धाराएं
धारा 5/6 पाक्सो एक्ट- न्यूनतम 10 साल की सजा
धारा 376 डी-गैंगरेप करना, उम्र कैद और जुर्माना
धारा 342- किसी को अवैध रूप से रोकना, अधिकतम 20 साल की सजा और जुर्माना
धारा 366- अपहरण करना, 10 साल की सजा और जुर्माना
धारा 363- किसी को उसके संरक्षक की मौजूदगी में अगवा करना, एक साल की सजा और जुर्माना
वादी पक्ष ने मांगी प्रगति आख्या
बदायूं। मूसाझाग कांड में वादी पक्ष के वकील अरविंद शर्मा ने कोर्ट में 172 सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट से चार्जशीट पर प्रगति आख्या उपलब्ध कराने की मांग की है। शुक्रवार को वादी और प्रतिवादी पक्ष को कोर्ट ने चार्जशीट की नकल मुहैया करा दी है।