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पश्चिम यूपी में पशु तस्करी का केंद्र बना बदायूं

Wed, 25 Feb 2015 12:00 AM IST
बदायूं
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मांस के कारोबार के लिए बदनाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में बदायूं से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी हो रही है। बदायूं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का सेंटर बन गया है। बावजूद इसके पुलिस बड़े पशु तस्करों तक पहुंचने की कोशिश नहीं कर रही। पशु तस्कर पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रहे हैं।
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पिछले दिनों बिसौली, वजीरगंज और सिविल लाइंस थाना पुलिस ने प्रतिबंधित पशुओं से भरे 78 वाहन पकड़े थे। इनसे 233 पशु बरामद हुए। गिरफ्तारी के नाम पर वाहनों के क्लीनर और चालकों को जेल भेज दिया गया। इन पशुओं को रामपुर, संभल और मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने बड़े पशु तस्करों तक पहुंचने की कवायद नहीं की। रविवार को मूसाझाग थाने के पास प्रतिबंधित पशुओं से भरी डीसीएम पलटी तो पता चला कि पशु तस्करों ने नए तरीके इजाद कर लिए हैं। डीसीएम में पशुओं के ऊपर मटर की बोरियों भर कर इनको अमरोहा ले जाया जा रहा था। अगर डीसीएम पलटती नहीं तो तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते। दातागंज में रामगंगा पर बेलाडांडी, गंगा पर कादरचौक में कादरगंज और उसहैत में अटैना पुल बनने से पशु तस्करी के लिए नए रास्ते खुल गए हैं। यह रास्ते खुलने से एटा, इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, एटा, कासगंज बदायूं के करीब हो गए हैं।
इन जिलों से बदायूं में बड़े पैमाने पर पशु आते हैं। यहां से इनको मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल समेत पश्चिमी यूपी के जिलों में वध के लिए भेज दिया जाता है।
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घुमंतू भैंसा काटा, ग्रामीणों में गुस्सा
बदायूं। अलापुर थाने के गांव बसियानी ने मांस का धंधा करने वाले दो लोगों ने एक घुमंतू भैंसे का वध करके उसका मांस बेंच दिया। इससे ग्रामीणों में गुस्सा है। गांव के लोग यह भैंसा चंदा करके हरियाणा से खरीद कर लाए थे। इसको छुट्टा छोड़ दिया गया था। तस्करों ने इसका वध कर दिया। पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। आरोप है कि थाने के दो सिपाहियों का भैंसे का वध करने वालों को संरक्षण हासिल है।
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