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सरकारी ब्लड बैंक में शराब पीता मिला स्टाफ

Sat, 27 Dec 2014 12:16 AM IST
बदायूं।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सीएमएस ने छापामारी की तो यहां शराब का दौर चलता मिला। मामला गुरुवार देर रात का है। एक मरीज के तीमारदार की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। रात में ही सीएमएस ने तत्काल प्रभाव से ब्लड बैंक के पूरे स्टाफ को हटाकर दूसरे लोगों की तैनाती कर दी है। ब्लड बैंक में शराब पीने के मामले में यहां के स्टाफ के खिलाफ शासन को डीओ लिखा जा रहा है।
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कादरचौक निवासी अतुल गुप्ता की पत्नी राधिका गुप्ता को प्रसव होना था। परिवार वालों ने इनको डॉ. मंजू वर्मा के नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। गुरुवार देर शाम यहां डॉक्टर ने राधिका में खून की कमी बताते हुए इनके परिवार वालों से रक्त की व्यवस्था करने को कहा। नर्सिंगहोम से मिले ब्लड डिमांड नोट को लेकर देर शाम अतुल गुप्ता जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे। वह यहां करीब दो घंटे तक खड़े रहे। ब्लड बैंक के ताले बाहर से बंद थे। अतुल गुप्ता ने कई बार ब्लड बैंक के बाहर लिखे फोन नंबरों पर संपर्क भी किया लेकिन फोन रिसीव ही नहीं किया गया। रात में ही अतुल गुप्ता ने इसकी सूचना व्यापारी नेता नवनीत गुप्ता उर्फ सोंटू को दी।  तो व्यापारी नेता सोंटू गुप्ता भी यहां पहुंच गए। इन्होंने इस बारे में सीएमएस डॉ. एके वर्मा को बताया। इस पर डॉ. वर्मा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरपाल सिंह ब्लड बैंक पहुंचे। यहां देखने पर पता लगा कि ब्लड बैंक के भीतर एक कमरे में कई लोग बैठे शराब पी रहे हैं। सीएमएस की छापेमारी के दौरान यह लोग यहां से भाग गए। सीएमएस जब ब्लड बैंक के कमरे में पहुंचे तो यहां शराब की बोलत कई गिलास और खाने का सामान रखा हुआ था। रात में ही सीएमएस ने इस कमरे को सील कर दिया। रात में ही सीएमएस ने ब्लड बैंक के स्टाफ को यहां से हटाकर दूसरे स्टाफ की तैनाती कर दी। मामले में कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।

सील तोड़कर साफ कर दिया कमरा
बदायूं। रात में सीएमएस डॉ. एके वर्मा ने जिस कमरे को सील किया था। यहां के स्टाफ ने रात में ही इस कमरे की सील को तोड़कर कमरे के भीतर से शराब की बोलत, गिलास समेत बाकी का आपत्तिजनक सामान हटा दिया। सुबह को जब सीएमएस और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरपाल सिंह ब्लड बैंक पहुंचे तो यह देखकर दंग रह गए। इसके बाद सीएमएस ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ शासन को कार्रवाई के लिए लिखा है।
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ब्लड बैंक में यह हुआ फेरबदल
डॉ. एपी गौतम पैथोलॉजी/ब्लड बैंक प्रभारी, डॉ. हरपाल सिंह ओपीडी के साथ ब्लड बैंक भी देखेंगे, एलटी वीर सिंह ब्लड बैंक से पैथोलॉजी, एलटी डीके शुक्ला पैथोलॉजी से ब्लड बैंक, मनोज सीएमएस कार्यालय से ब्लड बैंक, स्वीपर सुरेंद्र ब्लड बैंक, रामपाल द्वितीय वार्ड से ब्लड बैंक, स्टाफ नर्स लक्ष्मी देवी ऑपरेशन थिएटर से ब्लड बैंक, धर्मेंश ब्लड बैंक से वार्ड, करन ब्लड बैंक से वार्ड।

विवाद नहीं छोड़ रहे ब्लड बैंक का पीछा
बदायूं। जिले के इकलौते सरकारी ब्लड बैंक का पीछा विवाद नहीं छोड़ रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। दो महीने पहले सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर ने डीएम शंभूनाथ के निर्देश पर ब्लड बैंक में छापेमारी करके खून बेचने वालों को पकड़ा था। इस मामले में जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी भी मनी लेकिन अब तक यह जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसके अलावा ब्लड बैंक से चालीस यूनिट रक्त गायब होने के मामले में भी जांच अब तक नहीं निपट सकी है।

मरीज के तीमारदार की शिकायत पर गुरुवार रात जब मैने ब्लड बैंक पर औचक छापा मारा तो यहां कुछ लोग शराब पी रहे थे। यह लोग यहां से भाग गए। मैने इस कमरे को सील करा दिया लेकिन सील तोड़कर कमरे को साफ कर दिया गया। ब्लड बैंक का पूरा स्टाफ बदल दिया गया है। जिन लोगों ने यह हरकत की है इनके खिलाफ कार्रवाई को शासन के लिए लिखा जा रहा है। -डॉ. एके वर्मा, सीएमएस
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