भगवतकथा वाचक रंगवीरदास महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म के बाद तो
बृज क्षेत्र के सारे कष्ट दूर हो गए। चारों तरफ आनंद ही आनंद छाने लगा था।
नगर के पिदारा रोड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भक्तिरस की बरसात हुई। रंगवीरदास महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म के बाद तो पूरा बृज क्षेत्र आनंद के सागर में ही डूब गया। हर तरफ खुशी ही खुशी थी। प्रेम रंग मे डूबी गोपियों ने भी भगवान के संग राच रचाया। इस महारास के लिए तो देवता भी तरसते हैं। चारों तरफ भक्ति ही भक्ति थी। महाराज ने कहा कि सिर्फ भक्ति के बल पर ही प्रभु की प्राप्ति की जा सकती है। हमें निश्छल मन से प्रभु की उपासना करनी चाहिए।