जिला बार के दो वकीलों के विरुद्ध षष्ठम अपर जज की ओर से जिला जज को प्रेषित अवमानना पत्र के विरोध में आयोजित आमसभा में कोर्ट के बेमियादी बहिष्कार का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि जब तक षष्ठम अपर जज का तबादला नहीं हो जाता, उनके कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता शनिवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहे। इसी बीच कलक्ट्रेट तिराहे पर पुतला भी फूंका गया।
शनिवार को जिला बार भवन के सभागार में अध्यक्ष रामपाल की अध्यक्षता में आयोजित आम सभा में जिला बार के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश सिसौदिया, महासचिव पवन गुप्ता के विरुद्ध अवमानना पत्र जारी करने को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई। संबोधन के दौरान लगभग सभी वकीलों ने षष्ठम अपर जज एसएन त्रिपाठी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। कहा, आरोपियों, वादकारियों और अधिवक्ताओं की सुनवाई का समुचित अवसर पीओ नहीं देते हैं। इससे सुनवाई प्रभावित होती है। सभा में अधिवक्ताओं ने बहिष्कृत कोर्ट के विरुद्ध हाईकोर्ट इलाहाबाद में कंटैंप्ट के मामले विचाराधीन होने के बारे में विस्तार से चर्चा की। सभा के बाद अधिवक्ता हाथ में बहिष्कृत कोर्ट का पुतला लेकर जेल तिराहे पर पहुंचे। वहां पुतला दहन किया। न्यायालय के बहिष्कार को गति देने के संबंध में सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई। इस कमेटी का नेतृत्व एल्डर्स कमेटी चेयरमैन गौहर अली करेंगे। यह भी तय किया गया कि बहिष्कृत कोर्ट के विरुद्ध हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से पत्राचार जारी रहेगा। सभा को उमाशंकर, अतुलकांत, चंद्रप्रकाश दीक्षित, प्रदीप सिंह, कृष्ण औतार, स्वतंत्र प्रकाश, अजय पाल, सुरेश जौहरी, एमएस गोयल, अनूप सक्सेना ने संबोधित किया। संचालन महासचिव पवन गुप्ता ने किया।
हड़ताल से अदालतें रहीं सुनसान
जिला बार की पूर्व घोषित हड़ताल के चलते सवेरे से ही अदालतों में सन्नाटा पसर गया। उधर पैरोकार वादकारियों की आवाजाही खासी प्रभावित रही, जो भी आए वे तारीखें लेकर बैरंग लौट गए।
पुलिस भी रही तैनात
अवमानना पत्र के विरोधस्वरूप पूर्व घोषित हड़ताल को लेकर संबंधित अदालत ने सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को बुलवा लिया। फोर्स कोर्ट बंद होने तक न्यायालय के बरामदा, परिसर में डटी रही।