आधार कार्ड बनाने के लिए कौन सी कंपनी अधिकृत है और कौन सी अनाधिकृत, यह बात गुरुवार को हंगामा की वजह बन गई। किलाखेड़ा में नगर पालिका अशर्फीदेवी कॉलेज के सेंटर पर कार्ड बनाने में जुटे कर्मियों से दूसरी कंपनी के टीम इंचार्ज ने परमीशन लेटर मांगा तो शक होने पर मौजूद लोग बिफर पड़े। उन्होंने दोनों कर्मियों को खदेड़ दिया।
यह मामला गुरुवार अपराह्न बाद का है। अशर्फीदेवी कॉलेज के सेंटर पर सुबह से डाटा सॉफ्ट कंपनी के कारिंदे आधार कार्ड बनाने को जुटे थे। इसकी भनक मल्टी वेव इनोवेशन के इंचार्ज संतोष कुमार और हेमराज को पता लगी तो अपनी कंपनी के कर्मियों के साथ वे मौके पर पहुंच गए। मल्टी वेव इनोवेशन के कर्मियों ने डाटा सॉफ्ट के कारिंदों से परमीशन का लेटर मांगा तो उन्हें लेटर नहीं दिखाया गया। दो कंपनी के कारिंदों में नोकझोंक होता देख मौजूद लोग भड़क उठे।
कार्ड बनवाने को जुटे लोगों में पूर्व मेंबर जमशेद सादिक और मुजाहिद रजा ने भी डाटा सॉफ्ट के कारिंदों से जवाब मांगा। भीड़ ने हंगामा कर डाटा सॉफ्ट के कारिंदों को खदेड़ दिया। आधार कार्ड के लिए फार्म जमा करके घर लौटे लोगों में रामऔतार गुप्ता, सद्दाम हुसैन, दीपक, सौरभ कुमार ने बताया कि प्रशासन को उन सभी कंपनियों के नाम स्पष्ट करने चाहिए जो नगर में आधार कार्ड बनाने को अधिकृत हैं।
कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि आधार कार्ड के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। वह अशर्फीदेवी कॉलेज के सेंटर पर पहुंचे तो कार्ड बनाने को फीडिंग कर रहे दो युवक परमीशन का लेटर नहीं दिखा पाए। इसकी शिकायत उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से भी कर दी है। - संतोष कुमार, इंचार्ज, मल्टी वेबइनोवेशन कंपनी।
डाटा सॉफ्ट कंपनी के अधिकारियों के पास परमीशन है। यह बात उन्होंने मौजूद लोगों और दूसरी कंपनी के इंचार्ज को भी बतादी है। मैंने दिल्ली में मौजूद अपनी कंपनी के अफसरों को भी बता दी है। कहीं भी कुछ गलत नहीं किया गया है।- श्रवण कुमार, सुपरवाइजर डाटा सॉफ्ट