हादसा शुक्रवार अपराह्न करीब तीन बजे एपीएम डिग्री कॉलेज के पीछे प्राइवेट नलकूप के पास हुआ। कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी निवासी घनेंद्र पाल सिंह करीब आठ-नौ साल से बिजली उपकेंद्र पर संविदा पर लाइनमैन के रूप में तैनात था। हाईटेंशन लाइन खराब होने की सूचना पर वह शटडाउन लेकर मौके पर गया था। उसके साथ एक कर्मचारी भी था। घनेंद्र पोल पर चढ़ गया, लेकिन कर्मचारी नीचे से बताता रहा। उसी दौरान अचानक ही बिजली आ जाने से वह पोल से गिर पड़ा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के घरवाले जब मौके पर पहुंचे तो कोई कर्मचारी नहीं मिला। उपकेंद्र से भी लाइनमैन खिसक गए।
मृतक के घरवालों समेत आसपास गांव के लोगों ने बिजली कर्मियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मौके पर ही हंगामा किया। धीरे-धीरे भीड़ में इजाफा होता गया। ग्रामीणों ने डिग्री कॉलेज के पास वरामालदेव मोड़ के सामने बाईपास पर जाम लगा दिया। भीड़ को समझाने में कोतवाल देवराज राठी के प्रयास भी विफल हो गए। ग्रामीणों ने बिजली अफसरों के चिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। छोटे वाहनों को भी जामस्थल से नहीं निकलने दिया गया। पीएसी के साथ आसपास थानों के फोर्स भी जाम नहीं खुलवा पाया। कोतवाल के बुलावे पर पहुंचे एसडीएम प्रदीप कुमार और सीओ वंशराज यादव ने मृतक के घरवालों को सहायता राशि मुहैया कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। करीब दो घंटा तक हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।
अनाथ हुए घनेंद्र के तीन मासूम बच्चे
उझानी। अल्लापुर भोगी निवासी घनेंद्र की पत्नी गीता की करीब दो साल पहले स्वभाविक मौत हो चुकी है। उसके तीन संतान में 12 साल का बेटा विपिन, आठ साल की बेटी संगीता और उससे दो साल छोटी मासूम सुमन है। घनेंद्र ही अपने बूढे पिता हुलासी राम के साथ मासूम बच्चों का खेवनहार था, लेकिन शुक्रवार को अचानक काल ने उसे भी आगोश में ले लिया। भाई की मौत से बदहवास तेजपाल ने बताया कि घनेंद्र घर से जाते वक्त बेटे से कहकर निकला था कि अगले दिन छुट्टी लेकर घर पर ही रहेगा। पर कुदरत को शायद यह मंजूर नहीं था।
हमदर्दी दिखाने को डटे रहे पंचायतों के प्रत्याशी
उझानी। संविदा कर्मी घनेंद्र की मौत की भनक जैसे ही अब्दुल्लागंज जिला पंचायत सीट से चुनाव लड़ने को कूद चुके अधिकतर प्रत्याशी मौके पर पहुंच गए। प्रत्याशियों के कदम कभी शव के पास तो कभी जामस्थल पर जुटी भीड़ को देख थम जाते। उन्होंने मृतक के आश्रितों ही नहीं बल्कि ग्रामीणों के प्रति भी हमदर्दी प्रकट की।
हादसे के बारे में जानकारी हो चुकी है। चूंकि बाहर होने की वजह से मौके पर नहीं पहुंच पाया लेकिन पता चला है कि घनेंद्र शटडाउन लेकर ही लाइन ठीक करने गया था। वह उस वक्त अकेला था। उपकेंद्र से सप्लाई शुरू नहीं की गई थी। दूसरी लाइन का जंपर टच हो जाने की वजह से लाइन पर करंट दौड़ गया था। वह पूरे मामले की अपने स्तर से भी जांच कराएंगे।
- सीबी लाल, एसडीओ, बिजली उपकेंद्र।