गुरुवार को सभी बच्चों को दी गई अस्पताल से छुट्टी
एसडीएम ने स्कूल पहुंचकर की जांच-पड़ताल
एक दिन पहले दूध पीने से बीमार हुए थे 40 बच्चे
मिड-डे मील में बनी खिचड़ी देख लगाई फटकार
एमडीएम का दूध पीकर बीमार हुए बच्चों की अस्पताल से छुट्टी होने के दो घंटे बाद एक बच्चे की दोबारा से तबियत बिगड़ गई। उसे बाद में निजी अस्पताल ले जाया गया। डीएम के आदेश पर गुरुवार को एसडीएम बिल्सी जांच को स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल स्टाफ, बच्चों और ग्रामीणों से बात की। इस मामले के बाद से अभिभावक परेशान दिखे।
बुधवार को गांव स्वरूपपुर में मिड-डे मील का दूध पीने से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के लगभग चालीस बच्चे बीमार हो गए थे, जिनमें से 23 बच्चों को नाजुक हालत में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया था। इस मामले से बेसिक शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों में भी खलबली मच गई थी। डीएम सीपी त्रिपाठी भी शाम को अस्पताल पहुंच गए थे। एसडीएम बिसौली ने भी गांव पहुंचकर बच्चों का हाल जाना था। डीएम ने ही बच्चों को एक दिन भर्ती कर ठीक होने पर ही घर जाने के निर्देश दिए थे। बच्चों की स्थिति सामान्य होने पर गुरुवार की सुबह उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बताया जाता है कि घर पहुंचने के बाद छात्र रिजवान पुत्र मुनव्वर स्कूल गया, जहां उसकी हालत फिर खराब हो गई, उसे एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया।
डीएम के आदेश पर जांच करने को एसडीएम बिल्सी विधान जायसवाल स्कूल पहुंचे। उन्होंने दोनों स्कूलों के स्टाफ के साथ ही ग्रामीणों और कई बच्चों से बात की। बुधवार को बने भोजन और दूध को भी देखा। जो नमूने के तौर पर स्कूल में रखा था। बता दें कि बीएसए ने इस मामले में दोनों स्कूलों के स्टाफ को निलंबित कर दिया है। हालांकि निलंबित स्टाफ आज भी स्कूल पहुंचा। रोजाना की तरह स्कूल निर्धारित समय से खुला। सुजानपुर उच्च प्राथमिक स्कूल के अध्यापक राकेश बाबू भी बीएसए के मौखिक आदेश पर स्कूल पहुंचे। मैन्यू के अनुसार खिचड़ी बनी थी, जिसकी गुणवत्ता निम्न स्तर की थी, जिसे बच्चों ने डरते-डरते खाया। स्कूल स्टाफ के खिलाफ कारवाई और प्रधान पर कोई एक्शन न होने से ग्रामीणों में नाराजगी भी दिख रही है। उनका कहना है कि प्रधान द्वारा ही एमडीएम का संचालन कराया जाता है फिर शिक्षकों पर ही कार्रवाई क्यों?
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बीएसए की कार्रवाई से शिक्षकों में गुस्सा
बहाली को बीआरसी पर किया प्रदर्शन, 16 तक का दिया अल्टीमेटम
बिसौली। एमडीएम खाने से बच्चों के बीमार हो जाने के मामले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को बीएसए द्वारा निलंबित किए जाने से ब्लाक क्षेत्र के सभी शिक्षकों में बेहद नाराजगी है। प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। ऐलान किया यदि 16 अगस्त तक सभी शिक्षकों को बहाल नहीं किया गया, तो ब्लाक क्षेत्र के सभी स्कूलों में एमडीएम बंद कर दिया जाएगा। इसकी सारी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।
अध्यक्ष मधुकर उपाध्याय ने कहा है इस मामले में शिक्षकों का कोई दोष नहीं था फिर भी कार्रवाई की गाज उन्हीं पर गिरी है। उनका निलंबन किया जाना शिक्षकों पर अत्याचार है, जिसे किसी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। मिड-डे मील का संचालन हर स्तर पर प्रधान करते हैं फिर शिक्षकों का क्या दोष। अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि 16 अगस्त तक निलंबित शिक्षकों को बहाल नहीं किया गया, तो पूरे ब्लाक में मिड-डे- मील का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इस अवसर पर अनुज शर्मा, वीरेंद्र, हरीश, कौशल, ओमेंद्र, नत्थूलाल, महेंद्र मिश्रा, विवेक, हेम सिंह, राजीव, उमेश, पूनम, शिवलाल आदि शिक्षक थे।
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पहली बार संगठन मुखर
बदायूं। शिक्षकों के हितों की रक्षा करने को पहली बार जिले के प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा बिसौली ने बीएसए पीसी यादव की एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया है। बता दें कि अभी तक बीएसए जिले में तमाम शिक्षकों पर विभिन्न आरोपों के चलते कार्रवाई कर चुके हैं, लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ ने कभी शिक्षकों के हितों की बात नहीं की, लेकिन बिसौली में एमडीएम खाने के बाद दो स्कूलों के स्टाफ को निलंबित करने की एकतरफा कार्रवाई से शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर कर दी।