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श्रद्धालुओं से भरी बस खड़े ट्रक में घुसी, तीन की मौत

Thu, 19 May 2016 11:37 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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हादसा - फोटो : अमर उजाला
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हादसे में 36 लोग गंभीर घायल, 18 की हालत गंभीर
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गुरुवार तड़के मलगांव रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई घटना
डीएम ने की मृतकों के परिवारों को दो लाख और घायलों को 50-50 हजार की घोषणा
 उत्तराखंड के टनकपुर स्थित पूर्णागिरी देवी के दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बस बिनावर थाने के मलगांव क्रॉसिंग के पास खड़े बजरी से भरे ट्रक से टकरा गई। हादसे में रामबेटी और गुंजन नाम की डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौके पर मौत हो गई। जबकि 36 लोग घायल हुए। बिनावर से ही 18 घायलों को गंभीर हालत में बरेली रेफर किया गया। बरेली में इलाज के दौरान राम सिंह आर्य नाम के एक और बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। डीएम सीपी त्रिपाठी ने अस्पताल पहुंच कर घायलों का हाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाने की बात कही है। कासगंज जिले के गांव मंगथरा निवासी वासुदेव और वीरेश ने पूर्णागिरी के लिए 15 मई को निजी बस 24 हजार रुपये में बुक की थी। इस बस में कासगंज और एटा के 70 लोग पूर्णगिरी गए थे। प्रति सवारी चार सौ रुपये लिए गए थे। देवी दर्शन करने के बाद सभी लोग बुधवार रात टनकपुर से कासगंज के लिए बस से चले। गुरुवार तड़के चार बजे बस बिनावर थाने के मलगांव रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंची थी। बताते हैं कि इसी दौरान चालक को झपकी आ गई। बस रोड किनारे खड़े बजरी भरे ट्रक से टकरा गई। हादसे में रामबेटी (50) पत्नी रामपाल निवासी मंगथरा थाना सिद्धपुर, कासगंज की और रामबेटी की डेढ़ वर्षीय धेवती गुंजन पुत्री अमरपाल निवासी मोहद्दीपुर, सहसवान की मौके पर मौत हो गई। बस में सवार 36 लोग घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान बरेली के एक अस्पताल में मंगथरा के ही रामसिंह आर्य (78) पुत्र सीताराम की भी मौत हो गई।
 जिला अस्पताल में भर्ती घायल
1. नारायन देवी (50) पत्नी भगवान सहाय निवासी जररई थाना सिद्धपुर, जिला कासगंज 2. शशीबाला (25) पत्नी उमेश निवासी नौखेड़ा थाना जैसलपुर, एटा 3. स्नेहलता (18) पुत्री चोक सिंह निवासी बधैरी थाना बघोरा, कासगंज 4. कुसुमा (26) पत्नी अमरपाल 5. जयदेव उम्र एक माह पुत्र दयाराम 6. अमरवती (17) पुत्री सुंदर सिंह 7. सरोजा (40) पत्नी सुंदर सिंह 8. नन्हीं (35) पत्नी रतन सिंह 8. शनि पुत्र रतन सिंह सभी निवासी मंगथरा थाना सिद्धपुर, कासगंज 9. मीना पत्नी महाराज सिंह निवासी टेड़ी बगिया, कासगंज 10. चंद्रवती पत्नी सूरजपाल निवासी सिद्धपुर, कासगंज 11. जय प्रकाश (60) पुत्र होरीलाल निवासी नगरिया, कासगंज 12. धर्मेंद्र (12) पुत्र अजुद्वी निवासी मंगथरा थाना सिद्धपुर, कासगंज 13. विशाल (15) पुत्र जयवीर निवासी नगरिया, कासगंज 14. अजय दो साल पुत्र रतन सिंह निवासी मंगथरा, कासगंज 15. कैलाश (20) पुत्र राजपाल निवासी सैदपुर थाना निधौली कलां, एटा 16. क्रांति देवी (25) पत्नी विपिन 17. विपिन (27) पुत्र भगवान सिंह 18. भगवान सिंह (56) पुत्र गोकुल निवासी नरेई, थाना सिद्धपुर, कासगंज
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बरेली रेफर किए गए घायल
1. वीरपाल (35) पुत्र भागीरथ 2. रामगोपाल (40) पुत्र अशर्फी लाल 3. रामवीर (32) पुत्र अनोखे लाल 4. कैलाश (45) पुत्र गंगा प्रसाद 5. रामअवतार (48) पुत्र सियाराम 6. मीरा देवी (38) पत्नी राम प्रकाश 7. शीलत (19) पुत्री रामपाल 8. वीरेंद्र 9. राम सिंह 10. भगवान सिंह 11. लालाराम 12. पवन कुमार 13. सुदामा देवी 14. कमला देवी 15. किशनवीर 16. वासुदेव ---- बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या बदायूं। हादसे में 36 लोग घायल हुए हैं। इनमें 20 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मरनों वालों की संख्या में इजाफा होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। घायलों में कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
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 हाइवे पर घंटे भर पड़े तड़पते रहे घायल
बदायूं। हादसे का शिकार ज्यादातर लोग आपस में नाते-रिश्तेदार हैं। करीब एक घंटे तक कई घायल मौके पर पड़े तड़पते रहे। पुलिस तो मौके पर पहुंच गई लेकिन एंबुलेंस समय से न पहुंचने की वजह से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। हादसा तड़के चार बजे के करीब हुआ। ट्रक और बस की भिड़ंत में बस के परखच्चे उड़ गए। अंदर सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। कई लोग तो एम-दूसरे के ऊपर जाकर गिरे। दो-तीन लोग बस से बाहर सड़क पर आ गिरे। कई कुर्सियों के बीच चिपक से गए। घायलों की मानें तो हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री नींद में थे। बस और ट्रक की भिड़ंत के बाद तेज धमाका हुआ। बस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में घायल जिला अस्पताल में भर्ती लोगों की मानें तो बरेली से निकलने के बाद इन लोगों ने चालक से बस रास्ते में रोक कर कुछ देर आराम करने के लिए कहा था। चालक ने इनकी बात नहीं मानी और उझानी या कछला चलकर आराम करने की बात कही। जाहिर है कि अगर चालक ने बस रास्ते में रोक ली होती हो हादसा न होता।
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