फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंदिर में बुजुर्ग साधु की चाकू से गोदकर हत्या, भीड़ ने आरोपी को पीटकर किया अधमरा

विज्ञापन
विज्ञापन
दहगवां (बदायूं)। जरीफनगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम मंदिर में एक बुजुर्ग साधु की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने दौड़ाकर एक आरोपी को पकड़ लिया और पीट-पीटकर उसको अधमरा कर दिया। हालांकि कुुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद मंदिर के कमरे में उसे बंद कर दिया गया। इसकी सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक घटनास्थल पर हंगामा चलता रहा। बाद में जैसे तैसे आरोपी को जिला अस्पताल भेजा गया। मंदिर पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
विज्ञापन

ग्रामीणों के मुताबिक स्वामी जगतानंद महाराज (60) करीब 10-12 साल पहले जरीफनगर थाना क्षेत्र के ग्राम शेखूपुरा की मढ़ैया गांव आए थे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से गांव के बाहर एक भव्य हनुमान मंदिर बनवाया था। तभी से वह मंदिर पर रहकर पूजा पाठ करते थे। बुधवार शाम जगतानंद महाराज मंदिर पर बैठे थे। उसी समय चार लोग मंदिर पर पहुंचे और उन्होंने महाराज पर चाकू से हमला बोल दिया। उस समय आसपास खेतों में काम कर रहे लोग महाराज की चीख-पुकार सुनकर भाग खड़े हुए। उन्होंने दौड़ाकर एक हमलावर को पकड़ लिया, जबकि तीन आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। ग्रामीणों ने पकड़े गए व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और उसके बाद उसे मंदिर के कमरे में बंद कर दिया। कुछ देर में गांव के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग महाराज को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया।
इधर, तब तक जरीफनगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को उसके नजदीक नहीं पहुंचने दिया। इसकी सूचना पर सहसवान, बिल्सी और मुजरिया पुलिस भी पहुंच गई। एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम सहसवान और सीओ सहसवान रामकरन भी मौके पर आ गए। देर रात तक वह ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे। रात करीब दस बजे पुलिस ग्रामीणों को समझाने में कामयाब हो सकी। उसके बाद पुलिस आरोपी को निकालकर अपने साथ ले गई।
विज्ञापन



...तो क्या रंगदारी के विरोध में हुई साधु की हत्या
दहगवां/जरीफनगर (बदायूं)। 60 वर्षीय साधु की हत्या करने की अभी ठोस वजह सामने नहीं आई है लेकिन चर्चाओं पर गौर करें तो साधु की हत्या रंगदारी के विरोध में की गई। लोगों का मानना है कि आरोपी साधु से रंगदारी मांग रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया था, इससे आरोपी ने चाकू से गोदकर उनकी हत्या कर दी।
भीड़ के हत्थे चढ़ा आरोपी पड़ोसी गांव कुंवरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके साथ कौन-कौन लोग थे, अभी उनका कुछ पता नहीं चला है। ग्रामीणों के मुताबिक स्वामी जगतानंद महाराज कहां के रहने वाले थे, अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें ग्वालियर का रहने वाला बताया है। जिस जगह उन्होंने मंदिर बनवाया था, कभी वहां लूटपाट की घटनाएं आम बात थी लेकिन उसके बाद ऐसी घटनाओं पर विराम लग गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि आखिर उसने साधु की जान क्यों ली।


ध्यान हटाने को पुलिस ने बुझाई लाइट, उग्र हुए ग्रामीण
दहगवां। बुधवार रात साधु पर हमले के बाद लोगों की भीड़ खुद ब खुद बढ़ती चली गई। एक बार को तो पुलिस भी अपने आपको असुरक्षित महसूस करने लगी। इस पर आसपास के थानों की पुलिस बुलाई गई। रात नौ बजे तक पुलिस ने भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इस पर पुलिस ने लोगों का ध्यान हटाने को मंदिर परिसर में जल रही लाइट बंद करनी शुरू कर दी। इससे भीड़ और उग्र हो गई। बाद में पुलिस को एक लाइट चालू करनी पड़ी।


खुद इंसाफ करना चाहती थी भीड़
साधु की हत्या की खबर सुनकर गांव वाले उग्र हो गए थे। वे किसी भी कीमत पर आरोपी को वहीं सजा देना चाहते थे। इससे वह पुलिस के समझाने पर भी नहीं मान रहे थे। हालांकि कुछ लोगों ने उसे कमरे में बंद कर दिया था, लेकिन अधिकतर लोग चाहते थे कि आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए, जिससे वह उसको पीट सकें। हालांकि उन्हें समझाने के लिए पुलिस ने खुद आरोपी को पीटा था, तब कहीं भीड़ का गुस्सा कुछ कम हुआ और पुलिस आरोपी को निकालकर ले जाने में सफल हुई।


अभी एक आरोपी को पकड़ा गया है, उसने हत्या क्यों की, उसके साथ कौन-कौन शामिल थे, इसका पता नहीं लग सका है। आरोपी गंभीर घायल है, उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए मंदिर पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
विज्ञापन

- डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी, देहात
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें