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बड़ा सवाल: जेल के अंदर कैसे पहुंचा जहर

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बड़ा सवाल: जेल के अंदर कैसे पहुंचा जहरीला पदार्थ
डीएम, एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे छानबीन करने
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला जेल में बंदी असलम और शाहरुख की जहरीले पदार्थ से मौत का मामला उलझ गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि दोनों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। जबकि परिवार वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। इन दोनों बंदियों ने जहरीला पदार्थ खुद खाया था या उन्हें खिलाया गया यह दीगर बात है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल के अंदर जहरीला पदार्थ पहुंचा कैसे?
बुधवार दोपहर करीब 01:15 पर दो कैदियों को जिला अस्पताल लाया गया था। जेल के डॉक्टर ने जिला अस्पताल आने वाली चिट्ठी पर लिखा था कि असलम और शाहरुख की नब्ज नहीं चल रही है। दोनों की धड़कनें बंद हैं। चिट्ठी में उनके प्राथमिक इलाज के बारे में भी लिखा गया था। उनके मुंह से झाग निकल रहे थे। जेल प्रशासन ने तुरंत दोनों कैदियों के मरने की सूचना आईजी जेल, डीआईजी और डीएम को दी। इधर, डीएम के आदेश पर एडीएम एफआर महेंद्र सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने दोनों शवों को लाने से लेकर हर मामले की जानकारी जुटाई। उसके बाद दोनों अधिकारी जिला जेल पहुंचे, जहां बैरक का निरीक्षण करते हुए अन्य कैदियों से पूछताछ की। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे बंदी असलम का छोटा भाई सलीम व मोहल्ले कुछ लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। बाकी परिजनों ने सीधे लालपुल पुलिस चौकी पहुंचकर बदायूं-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। इसकी सूचना मिलते ही एडीएम एफआर, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी वीरेंद्र सिंह यादव लालपुल पुलिस चौकी पहुंच गए। उन्होंने बंदी के परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस पर उन्होंने सवाल उठाए कि असलम के मामले का फैसला होने वाला था। कुछ दिनों बाद वह स्वयं जेल से बाहर आ जाता। ऐसे में वह आत्महत्या क्यों करेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह जेल में पिस्टल पहुंचाई गई थी। तो क्या उसी तरह जहरीला पदार्थ भी पहुंचाया गया। जेल के अंदर जहरीला पदार्थ कौन ले गया और दोनों युवकों को किसने दिया। इसकी जांच होनी चाहिए और जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई हो। इस पर एडीएम एफआर ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं परिवार वालों ने जाम खोला। बाद में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह भी जिला जेल गए और मामले के बारे में जानकारी हासिल की।
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आधा घंटे पहले दोनों ने किया था भोजन
जेल अधिकारियों की माने तो बेसुध मिलने से करीब आधा घंटा पहले बंदी असलम और कैदी शाहरुख ने एक साथ खाना खाया था। उन्होंने कुछ देर विश्राम भी किया था। नमाज के समय पर ही दोनों बैरक से बाहर निकले थे।
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17 साल की उम्र में शाहरुख ने की हत्या
-जेल प्रशासन के मुताबिक शाहरुख की उम्र करीब 25 वर्ष थी। उसने वर्ष 2010 में अपने गांव नूरनगर कौड़िया निवासी लाले सिंह यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में गांव का ही शाकिर पुत्र नासिर भी नामजद था। शाहरुख मुख्य आरोपी था। इसलिए उसे आजीवन कारावास की सजा हुई।
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फर्नीचर का व्यापारी था असलम
हकीमगंज निवासी असलम तीन भाइयों में मझला था। उसका ऊपरपारा निवासी फरहा बी के साथ निकाह हुआ था। पत्नी के आत्महत्या करने के बाद असलम जेल चला गया। जबकि उसके डेढ़ वर्षीय बेटे अजान को ससुराल वाले अपने घर ले गए। उसकी शहर में फर्नीचर की दुकान है, जिस पर छोटा सलीम और बड़ा अनवर बैठता है।
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शाहरुख के परिजन भी लगा रहे हत्या का आरोप
बुधवार शाम करीब छह बजे जिला अस्पताल पहुंचे शाहरुख के परिवार वालों ने भी हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह कुछ दिन पहले ही शाहरुख से मिलाई करके गए थे। उस समय कोई ऐसी बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि शाहरुख की जेल में हत्या की गई है। इसकी जांच होनी चाहिए।
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वर्जन-
अब मौत की वजह क्या है। यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा। प्रथम दृष्टतया मामला आत्महत्या का लग रहा है। मामले की जांच की जा रही है। जो जांच में पाया जाएगा। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-महेंद्र सिंह, एडीएम एफआर
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