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शेखूपुरा में बेटा ही निकला मां-बाप का हत्यारा  

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बदायूं। शेखूपुरा में सोमवार को बुजुर्ग दंपती की गला घोंटकर हत्या उनके बड़े बेटे राशिद ने ही की थी। गुरुवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राशिद ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। माता-पिता उसकी कोई मदद नहीं करते थे। इसीलिए उसने उन्हें खत्म कर दिया। 
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गुरुवार दोपहर सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओपी गौतम ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी राशिद को मीडिया के सामने पेश किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि राशिद डी-फार्मा करने के बावजूद बेरोजगार था। चार भाइयों में बड़ा था लेकिन उसके मां-बाप ने दो छोटे भाइयों को उसके बहनोई के साथ दिल्ली में कपड़े के दो कारखाने खुलवा दिए थे। उससे छोटा भाई तारिक असोम में रहता था। वहीं उसने शादी कर ली और अपना कारोबार जमा लिया। तीनों भाई अच्छा खासा कमा रहे थे। मां-बाप भी उनका ही साथ दे रहे थे।
राशिद के मुताबिक जब वह अपने लिए मदद मांगता तो मां-बाप उसे भला बुरा कहते थे। उसके तीन बच्चे हैं, जिनकी सही से देखभाल भी नहीं कर पा रहा था। उसके पिता ने एक प्लॉट बेचने का सौदा कर दिया था। उसकी कुछ रकम भी आ गई थी। इसके अलावा तीन दुकानें थीं, जिनका भी वह सौदा करने की फिराक में थे। वह चाहता था कि अगर पिता की हत्या कर देगा तो संपत्ति बिकने से बच जाएगी, साथ ही पिता रिटायर्ड होने वाले थे उनके स्थान पर उसे ही नौकरी मिल जाएगी और उसका गुजारा ठीक से चलता रहेगा।
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दस दिन पहले बनाई थी हत्या की योजना
हत्यारोपी बेटे के मुताबिक उसने करीब नौ-दस दिन पहले ही मां-बाप की हत्या का फैसला कर लिया था। इसके लिए उसने अपने तीनों बच्चे और पत्नी को दस दिन पहले ससुराल भेज दिया था। उसके बाद मौके की तलाश में रहने लगा। सोमवार रात उसको मौका मिल गया और उसने दोनों की हत्या कर दी। 
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ऐसे की मां-बाप की हत्या
राशिद यह जानता था कि मां-बाप को एक-एक करके मारना मुश्किल था। सोमवार रात करीब आठ बजे वह घर पहुंचा और पिता से बोला कि पहले उसकी दुकान पर काम करने वाले पीलू की पत्नी के बच्चा हुआ है। पीलू रबड़ी भेज रहा था, लेकिन वह इसलिए नहीं लाया कि आप खाएंगे या नहीं। इस पर उसके पिता ने कहा जब पीलू रबड़ी भेज रहा था तो ले आता। इस पर राशिद भागकर गया और कुरैशी मोहल्ले में मोहम्मद हुसैन की दुकान से 50 रुपये की रबड़ी खरीदी। उसी में ऊपर से नींद की 10-12 गोलियां मिला दीं। वह रबड़ी मां-बाप को दे दीं। दोनों ने ऊपर-ऊपर से रबड़ी खाई और नीचे की उसे दे दी कि वह भी खा ले। फिर दोनों बेड पर जाकर लेट गए और कुछ देर बाद बेहोश हो गए। रात करीब 10 बजे उसने अंगोछे से मां-बाप का गला घोंट दिया।
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मढ़ई चौक से खरीदे से नशीली गोली के पत्ते
राशिद डी-फार्मा किए हुए था। इससे वह अधिकतर दवाइयों के नाम जानता था। कई सेल्समैन को जानता था। उसने रबड़ी में मिलाकर जो गोलियां मां-बाप को खिलाईं वो मढ़ई चौक के एक होलसेलर से खरीदीं थीं।
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हमें तो उसी दिन राशिद पर शक हो गया था। उसकी कॉल डिटेल आदि निकलवाई थी, तभी पता चल गया था कि वह झूठ बोल रहा था। बुधवार को उसने खुद कुबूल कर लिया। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। अब उसे जेल भेजा जा रहा है।
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-ओपी गौतम, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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