पत्नी को मारने से पहले
चाय में दिया था नशा
पुलिस रिमांड पर नेत्रपाल ने कबूला जुर्म, विरोधियों को फंसाने और उनका पैसा डकारने को दिया था वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज।
थाना हजतरपुर के गांव दुंदीनगला में करीब छह माह पूर्व लूटपाट के बाद की गई पूनम यादव की हत्या उसी के पति नेत्रपाल यादव ने की थी। पत्नी को मारने के पीछे उसका मुख्य मकसद विरोधियों को फंसाने, उनका पैसा डकराने तथा प्रेमिका से शादी करना था।
तीन दिन पहले नेत्रपाल यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया था। पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। दो नवंबर 2017 को पूनम यादव की उसी के घर में लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी। रिमांड पर लेने के बाद पुलिस नेत्रपाल को घटनास्थल पर ले गई तो उसकी निशानदेही पर सोने-चांदी के आभूषण भी पुलिस ने बरामद किए। नेत्रपाल को देखने के लिए और तकादा करने वालों की भीड़ जमा हो गई। दर्जनों लोगों के सामने नेत्रपाल ने कबूल किया कि पहले उसने अपनी पत्नी पूनम यादव को चाय में नशा देकर बेहोश कर दिया था। उसके बाद गर्दन दबाकर हत्या कर दी। इस मामले का खुलासा मोबाइल कॉल डिटेल से हुआ था, क्योंकि उसी दिन नेत्रपाल के भतीजे की बारात गई थी। नेत्रपाल ने खुद को शादी में मौजूद होना बताया था,लेकिन कॉल रिकार्ड के मुताबिक उसकी मौजूदगी दुंदीनगला में ही थी। जिन लोगों को नामजद किया था उनका नेत्रपाल पर करोड़ों रुपये उधार का निकल रहा था।
हजरतपुर इंसपेक्टर राजेश कश्यप ने बताया कि नेत्रपाल ने हत्या तो काफी सोच समझकर की थी। मगर अपराधी कोई न कोई क्लू अवश्य छोड़ देता है। मोबाइल कॉल डिटेल ने उसे पकड़वा दिया। उसने जुर्म भी कबूल कर लिया है। लिहाजा, अब इस मामले से पूरी तरह पर्दा उठ चुका है।
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न खुदा ही मिला और न विसाले सनम, न इधर के रहे, न उधर के
दातागंज। पत्नी के हत्यारे नेत्रपाल पर यह शेर बिल्कुल सटीक बैठ रहा है। जिस तथाकथित प्रेमिका को वह जीवन साथी बनाने का सपना सजों रहा था। उसकी भी शादी दूसरे स्थान पर कर दी गई है।