बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शहर से सटे खेड़ा बुजुर्ग गांव में तांत्रिक की गतिविधियों को लेकर खूनी संघर्ष हुआ। दो पक्षों में तलवारें, चाकू और लाठियां चलीं तो दोनों पक्ष के 11 लोग लहूलुहान हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर लेकर घायलों को जिला अस्पताल भेजा। वहां इन्हें भर्ती कराया गया।
गांव निवासी हेतराम मौर्य भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्हें लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल लाया गया। उनके साथ ही उनके पुत्र योगेंद्र, धर्मेंद्र, प्रेमशंकर, शिवकुमार को भी घायल हालत में लाया गया। दूसरे पक्ष के ओमप्रकाश, उनके भाई बालकराम, बेटा योगेश, विक्की, अमित और बालकराम की पत्नी पुष्पा देवी को घायल हालत में लाया गया। यहां हेतराम ने बताया कि उनके तहेरे भाई ओमप्रकाश को अपनी ससुराल नौशेरा में जमीन मिल गई तो वह वहां जाकर रहने लगा। ओमप्रकाश का भाई बालकराम अब भी उनके घर के सामने रहता है। बताया कि उनके पुत्र दुर्गपाल की इसी साल रक्षाबंधन पर मौत हो गई। उसे जाने क्या बीमारी हो गई जिसका इलाज ही नहीं हो सका। बालकराम के घर नौशेरा से एक तांत्रिक हर शनिवार को आता है। उन्हें शक है कि उसी तांत्रिक की मदद से उनके बेटे पर कोई जादू टोना कराकर उसे मार दिया गया। शनिवार रात फिर तांत्रिक बालकराम के घर आया तो उन्होंने विरोध किया। इस पर बालकराम पक्ष ने मारपीट कर दी। उन्होंने तहरीर दी पर नवादा चौकी पुलिस ने गौर नहीं दिया। रविवार को बालकराम ने अपने भाई ओमप्रकाश और उसके परिवार को बुला लिया। इसके बाद यह लोग तलवारें लेकर उनके घर पर आ गए। ओमप्रकाश के दो साढ़ू भी उनके साथ थे।
दूसरे पक्ष के ओमप्रकाश ने बताया कि साल भर पहले उन तीन सगे भाइयों ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेची तो हेतराम ने उनसे पचास हजार रुपये की डिमांड कर दी। उन्होंने रकम नहीं दी तो यह लोग नाराज थे। इन्होंने खुद उनके घर पर हमला बोल दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस देवेश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखी जाएगी। तांत्रिक का क्या रोल है, इसकी भी जानकारी की जाएगी।