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आर्किटेक्ट-प्रापर्टी डीलर दंपति समेत पांच के खिलाफ एफआईआर

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आर्किटेक्ट-प्रापर्टी डीलर दंपति समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट
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आईजी के आदेश पर दर्ज हुआ मामला, महिला को बगैर रास्ते का बेचा था प्लाट
अमर उजाला ब्यूरो
वजीरगंज (बदायूं)। झूठ बोल कर महिला को बगैर रास्ते का प्लाट बेचना एक आर्किटेक्ट और प्रापर्टी डीलर दंपति समेत पांच लोगों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने आईजी के आदेश पर क्रेता महिला की ओर से पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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कस्बे में निमठोली रोड बनिया मोहल्ला निवासी रजनी सिंह का आरोप है कि उनकी जान पहचान कमलेश वार्ष्णेय पत्नी नरेंद्र वार्ष्णेय से थी। कमलेश का परिवार प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। इसलिए उन्होंने कुछ जमीन दिलाने की बात कही थी। आरोप है कि कमलेश और आर्किटेक्ट अनवर अली द्वारा अनुमोदित एक कॉलोनी का नक्शा दिखाया गया। नक्शे के आधार पर उन्होंने दो सौ गज का प्लॉट 2800 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से खरीद लिया। वादे के मुताबिक रजनी सिंह ने पांच लाख साठ हजार रुपये नरेंद्र वार्ष्णेय और उनकी पत्नी को उनके घर जाकर दिए। 11 अप्रैल 2016 को जमीन का बैनामा हुआ। उसके बाद उन्होंने प्लाट पर निर्माण शुरू कर दिया। आरोपितों ने पक्की सड़क डालने के नाम पर रुपये ऐंठे। सड़क डलवाई भी नहीं। थक हारकर रजनी सिंह ने खुद सड़क डलवाने का प्रयास किया तो नलकूप विभाग के अधिकारी आ गए और उन्होंने सड़क डालने पर रोक लगा दी। नलकूप विभाग के अधिकारियों ने उनके गेट के आगे की जमीन को नलकूप विभाग का बताया। जब उन्होंने राजस्व रिकार्डों की जांच कराई तो पता चला कि गाटा नंबर 1270 किसी संपर्क मार्ग से नहीं जुड़ा है। इस धोखाधड़ी पर रजनी सिंह ने आईजी ध्रुवकांत ठाकुर से शिकायत की, और उन्होंने सीधे रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। वजीरगंज पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर नरेंद्र वार्ष्णेय, उनकी पत्नी कमलेश वार्ष्णेय, पुत्र बंटी वार्ष्णेय, विमल वार्ष्णेय और आर्किटेक्ट अनवर अली के खिलाफ धारा 420, 406 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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